
रोहित रजक रिपोर्ट भोपाल।
राजधानी भोपाल में चलती ट्रेनों में मोबाइल चोरी की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। मोबाइल झपटमारी के कारण यात्रियों में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है। अपराधी ट्रेन की धीमी गति या स्टेशनों पर रुकने के दौरान यात्रियों के हाथ से मोबाइल झपटकर भाग रहे हैं। इस तरह की बढ़ती घटनाओं ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
हाल ही में एक ताजा मामला नर्मदापुरम जिले के पिपरिया रेलवे स्टेशन से सामने आया है। पिपरिया निवासी योगेश कुमार (31 वर्ष) 13 जुलाई की रात अपने परिवार के साथ जबलपुर से भोपाल यात्रा कर रहे थे।
जैसे ही ट्रेन भोपाल स्टेशन के पास धीमी हुई, अपराधी ने झपट्टा मारकर योगेश का मोबाइल छीन लिया और भाग निकला।
इस घटना के बाद योगेश ने तुरंत जीआरपी (Government Railway Police) से संपर्क किया। जांच में पता चला कि ऐसे कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, जिसमें अपराधी चलती ट्रेन के दरवाजे के पास खड़े यात्रियों का मोबाइल छीनकर अंधेरे में गायब हो जाते हैं।
मुख्य बिंदु:
चलती ट्रेन या स्टेशन पर रुकने के दौरान होती है वारदात
पीड़ितों को पुलिस में शिकायत करने के बावजूद समाधान नहीं
मोबाइल झपटमारी करने वाले ज्यादातर बदमाश पुलिस गिरफ्त से बाहर
पुलिस का कहना है कि झपटमारों की तलाश की जा रही है और स्टेशन के पास सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जा रही है। लेकिन यात्रियों का आरोप है कि रेलवे और जीआरपी की लापरवाही के कारण घटनाएं रुक नहीं रहीं।
रेलवे द्वारा बार-बार यात्रियों को अलर्ट रहने की सलाह दी जाती है, लेकिन कोई पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है। खासकर रात की ट्रेनों में यह घटनाएं ज्यादा होती हैं, जब प्लेटफार्म और आसपास के क्षेत्र में पुलिस गश्त कम होती है।
एक और मामला: बीएसएफ जवान के साथ चोरी
भोपाल स्टेशन पर तैनात बीएसएफ जवान के साथ भी ऐसा ही मामला हुआ। वह स्टेशन पर उतरकर चाय ले रहा था कि तभी किसी ने उसकी जेब से मोबाइल पार कर दिया।
रेलवे पुलिस का कहना है कि गश्त बढ़ाई जा रही है और ऐसे अपराधों को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है।
ट्रेनों में लगातार हो रही मोबाइल झपटमारी की घटनाएं चिंता का विषय बन गई हैं। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे और पुलिस प्रशासन को सख्त कदम उठाने होंगे। जब तक अपराधियों पर लगाम नहीं लगती, तब तक यात्री असुरक्षित ही रहेंगे।
