Rishita Gangrade: कोलकाता में हुए सनसनीखेज गैंगरेप केस ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा पुरानी फेसबुक पोस्ट इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें वह लिखता है — “रेपिस्ट को मिलनी चाहिए फांसी की सजा। ऐसे लोग इंसान कहलाने लायक नहीं हैं।”
अब यही मनोजीत खुद एक युवती के साथ गैंगरेप के मामले में मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार हुआ है। यह विरोधाभास न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि समाज में मौजूद दोहरे चरित्र की भयावह झलक भी पेश करता है।
मामले की पूरी chronology
घटना:
25 जून 2025 को शाम तकरीबन 7:30—10:50 बजे के बीच, साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज में 24 वर्षीय छात्रा का कथित रूप से गैंगरेप हुआ। आरोपियों में शामिल हैं मनोजीत मिश्रा (31, पूर्व छात्र व कर्मचारी), Zaib Ahmed (19), और Pramit Mukhopadhyay (20)

कार्रवाई और ब्लैकमेल:
आरोप है कि छात्रा को हॉकी स्टिक से मारा गया, वीडियो बनाया गया और धमकी दी गई—”अगर तुम किसी को बताया तो वीडियो वायरल कर देंगे”।
मेडिकल रिपोर्ट ने कथित उत्पीड़न और यौन हमला की पुष्टि की
गिरफ्तारी:
तीनों आरोपियों को 27 जून को अदालत में पेश किया गया, और पुलिस हिरासत 1 जुलाई तक मिली है ।
एक कॉलेज गार्ड पर भी लापरवाही का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज की गई है|
आरोपी मनोजीत मिश्रा कौन है?
पूर्व छात्र नेता, TMCP (TMC छात्र इकाई) दक्षिण कोलकाता के संगठन सचिव और यूनियन अध्यक्ष रह चुके हैं|
वह अब कॉलेज कर्मचारी हैं—पूरी जांच में पता चला कि कई पूर्व शिकायतों को नजरअंदाज किया गया था, जिनमें शर्मनाक वीडियोशेयर, बॉडी-शेमिंग और यौन उत्पीड़न शामिल थे।
साथी छात्र बताते हैं, “अधिकारियों ने उसे संरक्षित किया”; “हम डर और दबाव में चुप रहे”।
खबर को मुख्य बिंदु:
- वायरल फेसबुक पोस्ट
मनोजीत का वर्ष पुराना “बालात्कारियों को फांसी” वाला पोस्ट सोशल मीडिया पर फिर से चर्चा का विषय बन गया| - आरोपी का इतिहास मनोजीत पर कॉलेज के दौरान यौन उत्पीड़न, वीडियो बनाने, और शरीर-शेमिंग की कई शिकायतें लेकिन कार्रवाई नहीं हुई ।
- मौजूदा आरोप 25 जून को कॉलेज परिसर में 24 वर्षीय छात्रा पर कथित रूप से गैंगरेप, हॉकी स्टिक से हमला, और ब्लैकमेल ।
- कानूनी कार्रवाई मेडिकल रिपोर्ट ने दावे को पुष्ट किया; तीनों आरोपी हिरासत में, और गार्ड के खिलाफ भी नोटिस|
- राजनीतिक माहौल मुकदमे की जांच-पूछताछ “युद्धस्तर पर” जारी, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी और आरोप—प्रत्यारोप भी तेज ।
निष्कर्ष
फेसबुक पोस्ट: यह साल पुराना है और वास्तविक घटनाओं से अलग है—सिर्फ वायरल हो रहा है।
गैंगरेप केस: गंभीर आरोप—वीडियो ब्लैकमेल, फिजिकल हिंसा, मेडिकल रिपोर्ट्स से पुष्टि, और तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी।
राजनीतिक दबाव: सभी पार्टियां सक्रिय हुईं—बीजेपी सरकार से इस्तीफे की मांग, टीएमसी का दावा कि जांच निष्पक्ष हो रही है।
