Ranu Yadav: हिमाचल में सोमवार की रात को बारिश का ऐसा कहर टूटा कि नींद में सोए लोगों की जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गई देखते ही देखते सैलाब सबकुछ बहा ले गया।
प्रदेश में 17 जगह बादल फटे
मंडी जिले में 15, जबकि कुल्लू और किन्नौर जिले में एक-एक जगह बादल फटा। बादल फटने, बारिश और भूस्खलन से सबसे ज्यादा नुकसान जिला मंडी में हुआ। कई मकान ध्वस्त हो गए। ब्यास नदी का पानी रिहायशी इलाकों में घुसने से अफरातफरी मच गई। मंडी में 16 लोगों समेत पूरे प्रदेश में 10 की जान चली गई है। 33 लोग अभी लापता हैं। दर्जनों लोग घायल हो गए है अकेले मंडी जिले में अधिकारियों के अनुसार लगभग 24 घर दस गए कई पुल ध्वस्त हो गए हैं। 400 सड़के बंद कर दी गई है।
बादल फटने से आए सैलाब से पुराने बाजारों, घरों में भारी तबाही मचाई है!
बादल फटने के बाद करसोग के पुराना बाजार, पंजराट, कुट्टी, बरल, सनारली में पानी और मलबे ने तबाही मचा दी।अंधेरे में पानी से घिरे लोगों में डर का माहौल था।वे लोग चीख-पुकार करते हुए मदद मांगने को मजबूर हो गए।
देशभर में भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित
प्रशासन भी तेज बहाव के बीच बेबस नजर आया। बहाव कम होने पर फंसे हुए लोगों को रेस्क्यू किया। पानी के बीच घिरे लोगों के अनुसार उन्हें दूसरी जिंदगी मिली है। एक बार लगा कि अब नहीं बच पाएंगे। देशभर में भारी बारिश और बाढ़ से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की दो-दो टीमें पुलिस और होमगार्ड के साथ जिले में खोज और बचाव अभियान में लगी हुई हैं।
