गीत : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 15 सितंबर 2025 को इंजीनियरिंग डे पर एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इंजीनियर्स रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित किया जाएगा, जहां इंजीनियरों को नवीन तकनीक और कार्यपद्धति का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और वे प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।
इंजीनियर्स रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की विशेषताएं
- इस संस्थान में प्रदेश के साथ-साथ देशभर के इंजीनियरों को प्रशिक्षण मिलेगा।
- यहां इंजीनियरों को नई तकनीकों और कार्यपद्धतियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे अपने कार्यों में और अधिक दक्ष हो सकें।
- इस संस्थान की स्थापना से प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और इंजीनियरों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री की घोषणा : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंजीनियर्स एक प्रकार से भगवान हनुमान के समान हैं, जो अपनी बुद्धि और परिश्रम से रास्ते बनाते हैं। उन्होंने कहा कि देश के अभियंताओं ने चिनाब ब्रिज जैसे निर्माण कर हर अवसर पर अपनी उत्कृष्टता सिद्ध की है। इस अवसर पर उन्होंने लोक निर्माण सर्वेक्षण ऐप, न्यूज लेटर और लोक परियोजना प्रबंधन प्रणाली का भी शुभारंभ किया।
इंजीनियरों को पुरस्कार : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 7 इंजीनियरों को मोक्षगुंडम विश्वैशरैया पुरस्कार और 4 ठेकेदारों को विश्वकर्मा पुरस्कार से सम्मानित किया। यह पुरस्कार उन इंजीनियरों और ठेकेदारों को दिया गया है, जिन्होंने अपने कार्यों में उत्कृष्टता दिखाई है और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है सीएम डॉ. मोहन यादव ने लोक निर्माण विभाग की नई पहल लोक निर्माण से लोक कल्याण शुरू करते हुए ‘लोकपथ’ ऐप लॉन्च किया। अब कोई भी नागरिक टूटी‑सड़क, गड्ढे आदि की फोटो और लोकेशन ऐप में अपलोड कर 7 दिनों के अंदर मरम्मत की मांग कर सकता है। सरकार इंजीनियरिंग में तकनीकी नवाचारों के माध्यम से ऐसे समय में क्षेत्र में विकास करना चाहती है कि ताजमहल जैसा निर्माण एक नहीं, अनेक खड़े हों। भगवान विश्वकर्मा, पुष्पक विमान, हनुमान की शक्ति-ये सब प्रेरणा हैं। अब मध्यप्रदेश में अभियंताओं के लिए एक रिसर्च एवं ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट बनेगा, जहाँ नवीन तकनीक और आधुनिक कार्यपद्धतियाँ सिखाई जाएँगी। इसका उद्देश्य कार्यक्षमता और पारदर्शिता बढ़ाना है।
