Baljinder Kaur: थाईलैंड से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां एक निर्माणाधीन रेलवे प्रोजेक्ट के दौरान भारी भरकम क्रेन अचानक चलती ट्रेन पर गिर गया। इस भीषण हादसे में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा थाईलैंड के एक व्यस्त रेलवे रूट पर हुआ जहां रेलवे लाइन के पास पुल या इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान एक बड़ा क्रेन तकनीकी खराबी या संतुलन बिगड़ने के कारण अचानक रेलवे ट्रैक की ओर गिर गया। दुर्भाग्य से उसी समय वहां से एक पैसेंजर ट्रेन गुजर रही थी। क्रेन सीधे ट्रेन के कई डिब्बों पर आ गिरा, जिससे भारी नुकसान हुआ।
22 लोगों की मौत, कई घायल
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार,हादसे में अब तक 22 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की गई है। मृतकों में ट्रेन यात्री, रेलवे कर्मचारी और निर्माण स्थल पर काम कर रहे मजदूर शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 30 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं जिनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
राहत और बचाव कार्य में आई मुश्किलें
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा राहत टीमें मौके पर पहुंचीं। हालांकि भारी क्रेन और क्षतिग्रस्त ट्रेन के डिब्बों के कारण राहत कार्य में काफी दिक्कतें आईं। क्रेन को हटाने और फंसे हुए लोगों को निकालने में घंटों का समय लग गया। रेलवे ट्रैक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया जिससे इस रूट पर ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
थाईलैंड में बड़ा रेल एक्सीडेंट
रिपोर्ट के अनुसार, हादसे का शिकार हुई ट्रेन में 195 यात्री सवार थे। हालांकि ये आंकड़ा ट्रेन में सीटों के आधार पर बताया गया है और ट्रेन में असल में कितने यात्री सवार थे, इसका आंकड़ा अलग हो सकता है। थाईलैंड सरकार ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। हादसा बुधवार सुबह 9 बजे के करीब हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद थाईलैंड में रेलवे निर्माण परियोजनाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि चलती ट्रेन के दौरान इतने करीब भारी निर्माण कार्य करना बेहद जोखिम भरा है। भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए सुरक्षा नियमों को और सख्त करने की मांग की जा रही है।
