एयरपोर्ट रोड पर शराबी ड्राइवर ने रौंदी जिंदगियाँ

15 सितंबर 2025 की शाम इंदौर शहर के एयरपोर्ट रोड स्थित शिख़षक नगर इलाके में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ। नो-एंट्री क्षेत्र में घुसे एक तेज़ रफ्तार ट्रक ने कई वाहनों और पैदल चल रहे लोगों को कुचल दिया। हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 9 से अधिक लोग घायल हैं।

हादसे का क्रम

पुलिस के अनुसार, शाम करीब 7:30 बजे धारण जिले का निवासी गुलशेर (50 वर्ष) शराब के नशे में ट्रक चला रहा था। नो-एंट्री जोन में प्रवेश करते ही उसने मोटरसाइकिल, ऑटो-रिक्शा और अन्य वाहनों को टक्कर मार दी। इस दौरान कुछ पैदल यात्री भी इसकी चपेट में आ गए।

टक्कर इतनी भीषण थी कि एक मोटरसाइकिल ट्रक के नीचे फँस गई और देखते-ही-देखते उसमें आग लग गई। आग फैलते ही ट्रक और बाइक दोनों जलने लगे, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई।

मृतक और घायल

इस दर्दनाक हादसे में लक्ष्मीकांत सोनी (50 वर्ष) और कैलाशचंद्र जोशी (62 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। तीसरे व्यक्ति महेश खातवासे (54 वर्ष) ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

पुलिस और अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, लगभग 9 से 13 लोग घायल हुए हैं। इनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है।

ड्राइवर की गिरफ्तारी

ड्राइवर गुलशेर को पुलिस ने घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती जांच में सामने आया कि वह शराब के नशे में था। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन की लापरवाही पर कड़ी नाराज़गी जताई।

प्रशासन‌ की कार्रवाई और सहायता

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख मुआवज़ा देने की घोषणा की है। गंभीर घायलों को ₹1 लाख की सहायता राशि और निःशुल्क इलाज का आश्वासन भी दिया गया है।

इंदौर कोर्ट ने भी स्वयं कार्रवाई करते हुए नगर संचालक से पूछा है कि नो-एंट्री क्षेत्र में ट्रक कैसे प्रवेश कर गया। इस मामले में ट्रैफिक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के आदेश दिए गए हैं।

सबक और सवाल

यह हादसा केवल एक त्रासदी नहीं, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।

  • नो-एंट्री इलाकों में निगरानी क्यों नहीं थी?
  • शराबी ड्राइवर सड़कों पर कैसे बेरोक-टोक वाहन चला रहे हैं?
  • ट्रैफिक पुलिस की चूक से कितनी और जिंदगियाँ खतरे में पड़ सकती हैं?

इस घटना से सबक लेने और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाना बेहद ज़रूरी है।

स्रोत:

  • मध्यप्रदेश पुलिस की प्रारंभिक रिपोर्ट
  • जिला प्रशासन, इंदौर की प्रेस विज्ञप्ति
  • महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज, इंदौर का हेल्थ बुलेटिन
  • प्रत्यक्षदर्शियों के बयान

By rishita gangrade

I am Rishita Gangrade a passionate writer and content writer, contributing articles, features, and opinion pieces to news channels, magazines, and digital platforms. With a keen eye for detail and storytelling, I focus on delivering engaging, insightful, and impactful content that connects with readers and reflects real-world issues.

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