कामना कासोटिया भोपाल:
उत्तराखंड के थराली में बादल फटने से भारी तबाही, एक की मौत, दर्जनों घर और दुकानें मलबे में दबीं
उत्तराखंड के चमोली जिले के थराली क्षेत्र में 22-23 अगस्त की रात भारी बारिश के चलते बादल फट गया, जिससे इलाके में भारी तबाही मच गई। यह घटना देर रात 1 से 2 बजे के बीच की बताई जा रही है। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि एक बच्ची लापता है। दो गांवों—सागवाड़ा और चेपड़ों में 80 से ज्यादा घरों में मलबा भर गया है। कई दुकानें और बाजार तबाह हो गए हैं।
चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि थराली तहसील मुख्यालय से कुछ किलोमीटर दूर कई स्थानों पर भारी नुकसान हुआ है। स्थानीय नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ जाने के कारण यह तबाही और भी गंभीर हो गई है। सागवाड़ा गांव में मलबा गिरने से एक लड़की की दबकर मौत हो गई, जबकि चेपड़ों गांव में एक व्यक्ति लापता है।
राहत-बचाव में जुटा प्रशासन, सेना और मेडिकल टीमें सक्रिय
हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। सेना की 50 जवानों की टुकड़ी को रुद्रप्रयाग से थराली भेजा गया है। साथ ही, एक मेडिकल टीम को जोशीमठ से तैनात किया गया है ताकि घायलों का इलाज किया जा सके। मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है।
प्रशासन ने बताया कि 70-80 घरों में दो फीट तक मलबा भर गया है, जिससे लोगों के सामान और मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा कई गाड़ियां भी मलबे में दब गई हैं। कर्णप्रयाग-वालदम नेशनल हाईवे मिंग गधेरा के पास मलबा आने से बंद हो गया है, जिससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है।
18 दिनों में दूसरी बार बादल फटने की घटना
यह घटना पिछले 18 दिनों में उत्तराखंड में बादल फटने की दूसरी घटना है। इससे पहले 5 अगस्त को भी थराली में बादल फटा था, जिसमें 5 लोगों की मौत और 100 से ज्यादा लोगों को नुकसान हुआ था। लगातार हो रही इन घटनाओं से इलाके में दहशत का माहौल है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर सहित 19 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड के लिए खासतौर पर चेतावनी दी गई है कि अगले कुछ दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
नेशनल हाईवे बंद, जनजीवन अस्त-व्यस्त
हिमाचल प्रदेश में भी 23 से 26 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट है। बारिश और लैंडस्लाइड के कारण नेशनल हाईवे-305 समेत 347 सड़कें पहले ही बंद हो चुकी हैं। 20 जून से मानसून शुरू होने के बाद से अब तक हिमाचल में 295 लोगों की मौत हो चुकी है।
चमोली जिला प्रशासन राहत और बचाव कार्य में पूरी तरह से जुटा हुआ है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी खुद स्थिति का जायजा लेने पहुंचे और स्थानीय लोगों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि NDRF, SDRF और पुलिस बल की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और लगातार राहत कार्य कर रही हैं।
थराली, देवाल और नारायणबगड़ ब्लॉक के सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। साथ ही लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन से संपर्क करने की अपील की गई है।
प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है। लोगों से संयम बरतने और अफवाहों से बचने की भी अपील की गई है।
