Baljinder Kaur: आज सुबह नागपुर के बुटीबोरी एमआईडीसी फेस 2 स्थित अवाडा सोलर प्लांट में एक बड़ा हादसा हुआ। यहां प्लांट के भीतर रखी जल भरने वाली बड़ी पानी की टंकी अचानक फट गई, जिससे आसपास काम कर रहे मजदूरों पर भारी जलधारा और टंकी के टूटे हुए मलबे का प्रहार हुआ। इस भीषण घटना में तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई तथा 8 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के समय मजदूर प्लांट में काम कर रहे थे और अचानक टंकी फटने से मलबा और पानी उन पर गिर गया।
हादसे का क्षण: कैसे हुआ यह भयंकर दुर्घटना?
सुबह के लगभग कामकाजी समय पर प्लांट के अंदर पानी की टंकी अचानक विस्फोट जैसी आवाज के साथ फट गई। मौके पर मौजूद मजदूरों को भारी पानी की धारा और टैंकी के हिस्सों के टूटने से गंभीर चोटें आईं। कुछ मजदूर प्लांट के पास काम कर रहे थे, तभी ये हादसा घटी। घटना के समय टंकी में पानी की अधिक मात्रा होने की बात सामने आई है जिससे फटने की संभावना बढ़ गई। स्थानीय लोगों ने भी इसकी तेज आवाज सुनी और तुरंत मदद के लिए आवाज़ लगाई। पुलिस, फायर ब्रिगेड और आपातकालीन सेवाएं घटनास्थल पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया। घायल मजदूरों को पास के अस्पतालों में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत पर चिकित्सक निगरानी रख रहे हैं। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।
औद्योगिक सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
इस हादसे ने नागपुर औद्योगिक क्षेत्र में कामगारों की सुरक्षा और मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले कुछ सालों में नागपुर क्षेत्र में कई औद्योगिक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें मजदूरों की जानें भी गंवाई गई हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि औद्योगिक सुरक्षा नियमों को कड़ाई से लागू करना कितना ज़रूरी है। इस हादसे ने औद्योगिक सुरक्षा के महत्व को फिर से उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सुरक्षा मानकों का सही पालन किया जाए और कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाए तो ऐसे दर्दनाक हादसे काफी हद तक रोके जा सकते हैं।
प्रशासन और सरकार की प्रतिक्रिया
स्थानीय प्रशासन ने बताया है कि हादसे की गहन जांच की जाएगी। प्रारंभिक तौर पर यह देखने की कोशिश की जा रही है कि टंकी के टूटने के पीछे क्या तकनीकी दोष, निर्माण दोष या सुरक्षा मानकों की लापरवाही थी। दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रभावित परिवारों के लिए सहायता राशि देने का निर्णय लिया है और औद्योगिक सुरक्षा नियमों की समीक्षा करने की भी बात कही गई है ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें।
