Surbhi yadav: आंध्रपदेश के श्रीकाकुलम जिले के कासीबुग्गा स्थित निजी स्वामित्व वाले वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में 1 नवंबर कार्तिक मास एकादशी के अवसर पर भारी भीड़ उमड़ गई। 2 से 3 हजार क्षमता से अधिक लगभग 20 हजार श्रद्धालु दर्शन करने पहुँचने जिसके चलते मंदिर में भगदड़ मच गई। भीड़ के दबाव में मंदिर की सीढ़ियों के किनारे लगी रेलिंग अचानक टूट गई। इसमें करीब 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जिनमें महिलाएं व बच्चे भी शामिल रहे।
सुरक्षा व्यवस्था में भारी चूक
मंदिर में केवल एक ही प्रवेश व निकास का रास्ता था और प्रशासन या पुलिस को पहले सूचना नहीं दी गई थी। मंदिर पहली मंज़िल पर था। ऊपर जाने के लिए लगभग 20 सीढ़ियाँ थीं। रेलिंग टूटते ही लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े। इसमें प्रशासन की भी लापरवाही सामने आ रही है। मंदिर के प्रांगण में ना ही कैमरा की व्यवस्था थी, ना ही लाउडस्पीकर लगा था जिससे भीड़ को दिशा या चेतावनी दे सके।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मंदिर अभी धर्मार्थ विभाग में रजिस्टर्ड नहीं था पुलिस ने इस मामले में मंदिर के चार कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है वहीं इस मामले को संज्ञा में लेते हुएसीएम नायडू ने कहा कि अगर पुलिस पहले सूचना दी होती तो प्रबंधन की योजना बनाई गई होती।
भगदड़ के 3 बड़ी वजहें
• यह निजी स्वामित्व में बना मंदिर था, यहाँ क्षमता 2 से 3000 तक ही थी, लेकिन एकादशी के अवसर पर क्षमता से अधिक करीब 20 हजार श्रद्धालु दर्शन करने पहुँचे।
• पुलिस प्रशासन की लापरवाही सामने आई, प्रशासन ने इसकी जानकारी पहले से नहीं दी ।
• भीड़ को दिशा दिखाने और चेतावनी देने के लिए मंदिर में ना तो कैमरा की व्यवस्था थी, ना ही लाउडस्पीकर लगाया गया था।
सीएम और पीएम ने जताया शोक, पीड़ित परिवारों को 2-2 लाख की सहायता
मुख्यमंत्री एन.चंद्रबाबू नायडू ने इस घटना को पर दुख जताते हुए कहा कि घटना बेहद हृदयविदारक है अगर प्रशासन को पहले सूचना मिली होती तो भीड़ प्रबंधन किया जा सकता था। वहीं प्रधानमंत्री ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया और मृतक परिजनों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की।
