Suvangi Pradhan: गुलाम नबी फई एक ऐसा नाम है, जो लंबे समय से भारत विरोधी गतिविधियों और कश्मीर से जुड़े प्रोपेगैंडा के कारण चर्चा में रहा है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अब उसके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। एजेंसी कश्मीर में स्थित उसकी संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है।
फई फिलहाल अमेरिका में रह रहा है और वहीं से भारत के खिलाफ कथित साजिशों को अंजाम दे रहा
गुलाम नबी फई जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले का रहने वाला है। वह खुद को कश्मीर मुद्दे पर अकादमिक और मानवाधिकार कार्यकर्ता के तौर पर पेश करता रहा है, लेकिन भारतीय जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसकी गतिविधियों का असली मकसद अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि खराब करना और अलगाववादी एजेंडे को आगे बढ़ाना रहा है। फई लंबे समय तक अमेरिका स्थित ‘कश्मीर अमेरिकन काउंसिल’ (KAC) का प्रमुख रहा, जिसके जरिए वह कश्मीर मुद्दे पर सेमिनार, कॉन्फ्रेंस और लॉबिंग करता था।
फई अमेरिका में बैठकर ओवरग्राउंड वर्कर्स और कुछ संगठनों के जरिए भारत विरोधी नैरेटिव फैलाता रहा है
2011 में अमेरिका में ही फई की गतिविधियों पर बड़ा खुलासा हुआ था, जब उसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से अवैध फंडिंग लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। अमेरिकी जांच एजेंसियों ने दावा किया था कि वह ISI के निर्देशों पर काम कर रहा था और कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए गुप्त रूप से फंड हासिल कर रहा था। बाद में फई ने अमेरिकी अदालत में आरोप स्वीकार भी किए थे। NIA का मानना है कि उसके जरिए जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाने और युवाओं को गुमराह करने की कोशिशें की गईं।
अब फई के भारत स्थित संपत्तियों पर कार्रवाई की जा रही है
NIA ने गैरकानूनी गतिविधि अधिनियम यानी UAPA के तहत फई की कश्मीर में मौजूद चल-अचल संपत्तियों की पहचान कर ली है। जल्द ही इन्हें जब्त करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी। एजेंसी का कहना है कि यह कदम देश की सुरक्षा के खिलाफ काम करने वाले नेटवर्क को आर्थिक रूप से कमजोर करने के लिए जरूरी है।
