Suvangi Pradhan: मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा और उनके लोकप्रिय टेलीविजन शो के प्रोड्यूसर के खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन को लेकर कानूनी शिकंजा कसता नजर आ रहा है। म्यूजिक राइट्स संस्था फोनोग्राफिक परफॉर्मेंस लिमिटेड (PPL) ने इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
संस्था का दावा है कि पहले भी शो के मेकर्स को इस संबंध में नोटिस भेजे थे, लेकिन इसके बावजूद उल्लंघन जारी रहा
PPL का आरोप है कि शो में कई मौकों पर उसके पास मौजूद म्यूजिक कंटेंट का इस्तेमाल बिना वैध लाइसेंस के किया गया, जो कॉपीराइट कानून का उल्लंघन है। PPL की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि कपिल शर्मा के शो में बैकग्राउंड म्यूजिक, गाने और म्यूजिकल क्लिप्स का बार-बार उपयोग किया गया, जबकि इसके लिए जरूरी अनुमति या लाइसेंस नहीं लिया गया।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कपिल शर्मा और शो के प्रोड्यूसर्स को नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब मांगा है
अदालत ने यह स्पष्ट किया है कि कॉपीराइट से जुड़े मामलों में नियमों का सख्ती से पालन जरूरी है और बिना लाइसेंस किसी भी रचनात्मक सामग्री का व्यावसायिक इस्तेमाल कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। PPL ने कोर्ट से मांग की है कि शो में उसके स्वामित्व वाले म्यूजिक के इस्तेमाल पर तत्काल रोक लगाई जाए, साथ ही हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा भी दिलाया जाए। संस्था का कहना है कि टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों के लिए म्यूजिक लाइसेंस लेना अनिवार्य है, ताकि संगीतकारों और म्यूजिक कंपनियों के अधिकार सुरक्षित रह सकें।
यह मामला मनोरंजन जगत में कॉपीराइट नियमों को लेकर एक अहम मिसाल बन सकता है
कपिल शर्मा या शो के मेकर्स की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मेकर्स जल्द ही कोर्ट में अपना पक्ष रख सकते हैं और यह दलील दी जा सकती है कि म्यूजिक का इस्तेमाल सीमित या नियमों के दायरे में किया गया था। यदि कोर्ट PPL के पक्ष में फैसला देता है, तो इसका असर अन्य टीवी शोज़ और डिजिटल कंटेंट मेकर्स पर भी पड़ सकता है। अब सभी की नजरें बॉम्बे हाईकोर्ट की अगली सुनवाई और मेकर्स के जवाब पर टिकी हैं।
