Suvangi Pradhan: महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कैब एग्रीगेटर कंपनियों ओला और उबर के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इन नए नियमों के तहत अब महिला यात्री ऐप के जरिए अपनी सवारी के लिए फीमेल ड्राइवर चुन सकेंगी। इसके लिए कैब ऐप्स में जेंडर चॉइस ऑप्शन देना अनिवार्य किया गया है।
सरकार के इस कदम से महिलाओं को यात्रा के दौरान ज्यादा सुरक्षित और सहज माहौल मिलेगा
नई गाइडलाइंस के अनुसार, ओला-उबर जैसी सभी कैब सेवाओं को अपने ऐप में यह विकल्प देना होगा कि महिला यात्री चाहें तो केवल महिला ड्राइवर के साथ ही यात्रा करें। हालांकि यह विकल्प उपलब्ध ड्राइवरों पर निर्भर करेगा, लेकिन कंपनियों को महिला ड्राइवरों की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने होंगे। इसके साथ ही महिला ड्राइवरों की भर्ती और ट्रेनिंग पर भी जोर दिया गया है।
यात्री अब ड्राइवर को सीधे ऐप के माध्यम से टिप दे सकेंगी
यह टिप पूरी तरह स्वैच्छिक होगी और इसका उद्देश्य ड्राइवरों को बेहतर सेवा के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार का मानना है कि इससे ड्राइवरों की आय में पारदर्शिता आएगी और यात्रियों व ड्राइवरों के बीच बेहतर संबंध बनेंगे। सुरक्षा के मोर्चे पर भी नियम सख्त किए गए हैं। हर कैब में पैनिक बटन, लाइव ट्रैकिंग और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट की सुविधा अनिवार्य होगी। किसी भी शिकायत की स्थिति में कैब कंपनियों को तय समयसीमा के भीतर कार्रवाई करनी होगी।
ड्राइवरों का बैकग्राउंड वेरिफिकेशन और समय-समय पर रिफ्रेशर ट्रेनिंग भी जरूरी की गई है
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो कंपनियां इन गाइडलाइंस का पालन नहीं करेंगी, उनके खिलाफ जुर्माने से लेकर लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला न सिर्फ महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाएगा, बल्कि महिला ड्राइवरों के लिए रोजगार के नए अवसर भी खोलेगा। ये नए नियम कैब सेवाओं को ज्यादा सुरक्षित, संवेदनशील और यात्री-हितैषी बनाने की दिशा में अहम कदम माने जा
