Baljinder Kaur: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “डबल इंजन सरकार” की परिकल्पना—जहाँ केंद्र और राज्य साझा लक्ष्य, साझा गति और साझा परिणाम के साथ कार्य करते हैं—आज मध्यप्रदेश में ज़मीन पर साकार होती दिख रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में प्रदेश ने खेल, युवा कल्याण और सहकारिता के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति दर्ज की है। यह बात सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने भोपाल में आयोजित प्रेसवार्ता में कही।
खेलों में मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक उड़ान
मंत्री श्री सारंग ने बताया कि प्रदेश के खिलाड़ी आज ओलंपिक, एशियन गेम्स, वर्ल्ड कप और अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। वर्ष 2024–25 में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 57 पदक और राष्ट्रीय स्तर पर 391 पदक अर्जित किए।
खेलो इंडिया यूथ गेम्स और 38वें नेशनल गेम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मध्यप्रदेश ने देश के शीर्ष खेल राज्यों में अपनी जगह बनाई। पेरिस ओलंपिक 2024 में पदक विजेता खिलाड़ियों को करोड़ों रुपये की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया।
प्रदेश के खिलाड़ियों ने पोल वॉल्ट, शूटिंग और शॉट पुट जैसी स्पर्धाओं में नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किए। जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप 2025 में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम में मध्यप्रदेश के तीन खिलाड़ियों की अहम भूमिका रही, जो प्रदेश की मजबूत खेल अकादमियों का प्रमाण है।
खिलाड़ियों का सम्मान, सुरक्षा और भविष्य निर्माण
राज्य सरकार ने अर्जुन, एकलव्य, विक्रम, विश्वामित्र और लाइफटाइम अचीवमेंट जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किए हैं। विक्रम पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में नियुक्ति दी गई है। ओलंपिक और एशियन गेम्स पदक विजेताओं को राजपत्रित अधिकारी बनाए जाने का प्रावधान किया जा रहा है।
वित्तीय वर्ष 2024–25 में राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को करोड़ों रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 की विजेता भारतीय महिला टीम की सदस्य सुश्री क्रांति गौड़ को मध्यप्रदेश शासन द्वारा 1 करोड़ रुपये की सम्मान राशि दी गई।
2047 तक मध्यप्रदेश को स्पोर्ट्स हब बनाने का लक्ष्य
प्रदेश में 18 खेलों की 11 खेल अकादमियां संचालित हैं, जहाँ 1300 से अधिक खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भोपाल के नाथू बरखेड़ा में लगभग 985 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माणाधीन है। प्रदेश में 20 अंतरराष्ट्रीय हॉकी सिंथेटिक टर्फ, 10 सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक और 120 से अधिक स्टेडियम विकसित किए जा चुके हैं। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आधुनिक खेल परिसरों का निर्माण किया जा रहा है।
युवा शक्ति, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय
‘मेरा युवा मध्यप्रदेश’ पोर्टल, ‘खेलो बढ़ो अभियान’ और मध्यप्रदेश युवा प्रेरक अभियान (MPYP) के माध्यम से युवाओं को खेल और नेतृत्व से जोड़ा जा रहा है।
देश में पहली बार स्किल एन्हांसमेंट प्रोग्राम के तहत प्रदेश के खिलाड़ियों को विदेशों में प्रशिक्षण हेतु भेजा जा रहा है तथा विदेशी प्रशिक्षकों को मध्यप्रदेश आमंत्रित किया जा रहा है। खेलो एमपी यूथ गेम्स-2025 को “मध्यप्रदेश का ओलंपिक” के रूप में आयोजित किया जाएगा, जिसमें पहली बार पारंपरिक खेलों और क्रिकेट को शामिल किया गया है।
सहकारिता से समृद्धि की राह
सहकारिता को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए मंत्री श्री सारंग ने कहा कि शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण योजना से लाखों किसानों को लाभ मिला है। हजारों PACS का कम्प्यूटरीकरण कर ई-PACS के माध्यम से पारदर्शी और डिजिटल सेवाएं दी जा रही हैं। कमजोर जिला सहकारी बैंकों को सुदृढ़ कर ऋण वितरण को दोगुना किया गया है।
डेयरी विकास: पशुपालकों की आय में स्थायी वृद्धि
मंत्री श्री सारंग ने बताया कि डेयरी क्षेत्र में NDDB के सहयोग से 2,200 से अधिक दुग्ध सहकारी समितियों को सक्रिय किया गया है। दूध के खरीद मूल्य में वृद्धि से पशुपालकों की आय बढ़ी है। “एमपी चीता” बीज ब्रांड, CPPP मॉडल और IBPS के माध्यम से पारदर्शी भर्तियों से ग्रामीण युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित हुए हैं। इंदौर में मिल्क पाउडर प्लांट के शुभारंभ से प्रदेश की डेयरी क्षमता को नई मजबूती मिली है।
सीपीपीपी मॉडल का विस्तार
मंत्री श्री सारंग ने बताया कि राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025 के अनुरूप राज्य नीति में संशोधन किए जाएंगे। जनवरी 2026 से IBPS के माध्यम से 2000 से अधिक पदों पर भर्ती और प्रशिक्षण की योजना है। CPPP मॉडल के विस्तार से निजी निवेश और नवाचार बढ़ेंगे, और जिला सहकारी बैंकों में आधुनिक डिजिटल सुविधाएँ लागू की जाएंगी।
मध्यप्रदेश की खेल, युवा और सहकारी नीतियाँ देश के लिए उदाहरण बन रही हैं, और प्रदेश हर क्षेत्र में विकास की नई ऊँचाइयाँ छू रहा है।
