Suvangi Pradhan: काशी की खेल परंपरा में एक नया अध्याय जुड़ गया है। दादा अखाड़े में पहलवानी के लिए जाने जाते थे, पिता ने फुटबॉल के मैदान पर पसीना बहाया और अब बेटा रवि सिंह इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में काशी का नाम रोशन कर रहा है।
अपने पहले ही मैच में रवि ने ऐसा प्रदर्शन किया कि रिकॉर्ड बुक में उनका नाम दर्ज हो गया
रवि सिंह का जन्म एक साधारण लेकिन खेलप्रेमी परिवार में हुआ। दादा रामनाथ सिंह अखाड़े के जाने-माने पहलवान थे। अनुशासन, मेहनत और संयम का पाठ उन्होंने परिवार को विरासत में दिया। पिता अजय सिंह ने जिला और राज्य स्तर पर फुटबॉल खेला। घर में खेल की बातें, फिटनेस और अभ्यास रोज़मर्रा का हिस्सा रहीं।
रवि ने बचपन में कई खेल आजमाए, लेकिन क्रिकेट ने उन्हें सबसे ज्यादा आकर्षित किया
काशी की गलियों और मैदानों से निकलकर रवि ने जिला, फिर राज्य और घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। IPL की नीलामी में नाम आने के बाद से ही शहर में उत्साह था। पहले ही मैच में रवि ने न सिर्फ टीम के भरोसे पर खरा उतरते हुए अहम रन बनाए, बल्कि फील्डिंग में भी कमाल दिखाया। डेब्यू मैच में बनाए गए उनके आंकड़े अब रिकॉर्ड बुक का हिस्सा बन चुके हैं, जिसने उन्हें रातोंरात पहचान दिला दी।
रवि को लौकी-मखाने की खीर बेहद पसंद है
रवि कहते हैं, मैं अपने दादा और पिता की मेहनत की कहानी सुनते हुए बड़ा हुआ हूं। वही मेरे लिए प्रेरणा है। IPL में खेलना सपना था, लेकिन यहां टिके रहना असली लक्ष्य है। फिटनेस को लेकर वे बेहद सजग हैं। जंक फूड से दूरी और देसी खानपान उनकी ताकत है। मैच से पहले हल्का और पौष्टिक भोजन उनकी दिनचर्या का अहम हिस्सा है। काशी के लिए रवि सिंह सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं।

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