Indian Cricketer Yashasvi Jaiswal has a dream to be the T20 captain of India

Suvangi Pradhan: भारतीय टी-20 टीम के चयन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले यशस्वी जायसवाल को एक बार फिर नजरअंदाज किया गया, जबकि वर्ल्ड कप स्क्वॉड में शुभमन गिल को बाहर कर ईशान किशन को जगह दी गई है।
शतक जड़ने के बावजूद यशस्वी को मौका न मिलना चयन नीति पर बहस को हवा दे रहा है
यशस्वी जायसवाल पिछले कुछ समय से भारत के सबसे भरोसेमंद युवा बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं। टेस्ट और टी-20 इंटरनेशनल में उन्होंने आक्रामक शुरुआत के साथ-साथ मैच जिताने वाली पारियां खेली हैं। SMAT में शतक लगाकर उन्होंने यह साफ कर दिया कि उनका फॉर्म बरकरार है। इसके बावजूद उन्हें टी-20 वर्ल्ड कप या मौजूदा टी-20 योजनाओं में जगह नहीं मिलना हैरान करता है।
चयनकर्ताओं ने शुभमन गिल को टीम से बाहर कर ईशान किशन को चुना
ईशान की वापसी को विकेटकीपर-बल्लेबाज की जरूरत से जोड़कर देखा जा रहा है। टीम मैनेजमेंट ऐसा खिलाड़ी चाहता है जो टॉप ऑर्डर के साथ-साथ विकेटकीपिंग का विकल्प भी दे सके। सवाल यह है कि क्या यशस्वी के साथ यह न्याय है? मौजूदा टी-20 क्रिकेट में लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन और पावरप्ले में आक्रामक बल्लेबाजी अहम मानी जाती है, जिसमें यशस्वी पूरी तरह फिट बैठते हैं। इसके बावजूद चयनकर्ताओं का भरोसा उन खिलाड़ियों पर ज्यादा दिख रहा है, जो पहले से टीम सिस्टम का हिस्सा रहे हैं।
एक और वजह टीम संयोजन और रणनीति भी हो सकती है
रोहित शर्मा, विराट कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ियों की मौजूदगी में चयनकर्ता अनुभव और संतुलन को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे में युवा खिलाड़ियों के बीच मुकाबला और कड़ा हो गया है। फिलहाल यशस्वी जायसवाल को इंतजार करना होगा। उनका प्रदर्शन लगातार मजबूत रहा तो चयनकर्ताओं पर दबाव बढ़ेगा। सवाल यही है कि शानदार फॉर्म के बावजूद अगर मौके नहीं मिलते, तो फिर घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन की अहमियत क्या रह जाती है?

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