Baljinder Kaur: यमुना एक्सप्रेसवे, जो दिल्ली और आगरा को जोड़ता है, आज एक भयंकर सड़क हादसे का गवाह बना। घने कोहरे और कम दृश्यता के कारण सुबह-सुबह कई बसों और कारों की टक्कर हो गई। इस हादसे में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए हैं। घटनास्थल पर आग लग गई जिससे बचाव कार्य और भी चुनौतीपूर्ण हो गया।
हादसे का विवरण
कोहरे के कारण ड्राइवरों की नजर सीमित हो गई थी और इस वजह से 7 बसें और 3 कारें आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी भयंकर थी कि कई वाहन आग के हवाले हो गए। पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को पास के अस्पतालों में पहुंचाया। घायलों की संख्या लगभग 25 बताई जा रही है। इसमें से कुछ की स्थिति गंभीर है और उन्हें विशेष इलाज की आवश्यकता है। हादसे के कारण एक्सप्रेसवे पर भारी जाम लग गया और यातायात प्रभावित हुआ।
हादसे का कारण
पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, घना कोहरा और कम दृश्यता इस हादसे का मुख्य कारण है। सर्दियों में यमुना एक्सप्रेसवे पर कोहरे की स्थिति आम होती है लेकिन इस बार दृश्यता बेहद कम थी, जिससे दुर्घटना अटली हो गई। विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन चालकों को ऐसे मौसम में अधिक सतर्क रहना चाहिए और गति को नियंत्रित रखना चाहिए।
बचाव और राहत कार्य
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया और आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड की टीम ने काम किया। प्रशासन ने यात्रियों और वाहन चालकों को सलाह दी है कि हादसे की जानकारी मिलने तक एक्सप्रेसवे का उपयोग न करें।
यमुना एक्सप्रेसवे का यह हादसा हमें याद दिलाता है कि सर्दियों में कम दृश्यता वाले मौसम में सड़क सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। ड्राइवरों को तेज गति से बचना चाहिए और सड़क पर सावधानी बरतनी चाहिए। प्रशासन भी ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। इस हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की जा रही है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है। यह दुर्घटना हमें सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने और सावधानी बरतने का एक गंभीर सबक देती है।
