Suvangi Pradhan
संसद के शीतकालीन सत्र का आज 12वां दिन है। सत्र के शेष दिनों को देखते हुए सरकार का फोकस लंबित विधेयकों को पारित कराने पर रहेगा। लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में आज कई अहम सरकारी कामकाज सूचीबद्ध हैं।
विपक्ष द्वारा विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग किए जाने की संभावना भी बनी हुई है
सरकार चाहती है कि सत्र के बचे हुए समय में अधिकतम विधायी कार्य पूरे किए जाएं। इसके लिए सदन को सुचारु रूप से चलाने पर जोर दिया जा रहा है। आज कुछ विधेयकों पर चर्चा के बाद उन्हें पारित कराने की कोशिश हो सकती है, जबकि कुछ प्रस्तावों को चयन समितियों के पास भेजने पर भी विचार किया जा सकता है।
सत्र के दौरान लगातार हो रहे हंगामे से कार्यवाही प्रभावित होती रही है
संसद के दोनों सदनों में उस समय भारी हंगामा देखने को मिला, जब एक नारे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ जैसे नारे लगाए जाने के आरोपों पर सत्तापक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया। इस मुद्दे पर दोनों सदनों में तीखी नोकझोंक हुई, जिसके चलते कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। सत्तापक्ष का कहना है कि इस तरह की भाषा और नारेबाजी संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाती है और विपक्ष को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। वहीं विपक्ष ने आरोपों को खारिज करत हुए कहा कि उनकी आवाज को दबाने के लिए मुद्दे को बेवजह तूल दिया जा रहा है।
विपक्ष ने महंगाई, बेरोजगारी और अन्य जनहित के मुद्दों पर चर्चा की मांग दोहराई
आज के दिन की कार्यवाही पर सबकी नजरें टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि क्या सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बन पाती है, जिससे विधायी कामकाज सुचारु रूप से आगे बढ़ सके। अगर हंगामा जारी रहता है तो सत्र के महत्वपूर्ण दिन भी व्यवधान की भेंट चढ़ सकते हैं। संसद के बाहर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज रहने की संभावना है, जिससे माहौल और गरमा सकता है।
