Suvangi Pradhan: भारतीय जनता पार्टी ने आगामी 2026 विधानसभा चुनावों को देखते हुए संगठनात्मक स्तर पर अहम बदलाव किए हैं। पार्टी ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को तमिलनाडु का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है, जबकि वरिष्ठ नेता और सांसद बैजयंत पांडा को असम विधानसभा चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन नियुक्तियों को भाजपा की दीर्घकालिक चुनावी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
तमिलनाडु में भाजपा पिछले कुछ वर्षों से अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है
द्रविड़ राजनीति के प्रभाव वाले इस राज्य में पार्टी को अब तक सीमित सफलता ही मिली है। ऐसे में पीयूष गोयल जैसे अनुभवी नेता को चुनाव प्रभारी बनाकर भाजपा ने संकेत दिया है कि वह तमिलनाडु में संगठन विस्तार और चुनावी तैयारी को नए सिरे से धार देना चाहती है। पीयूष गोयल केंद्र सरकार में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री हैं और संगठनात्मक मामलों में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। माना जा रहा है कि वे राज्य इकाई के साथ तालमेल बढ़ाने, सहयोगी दलों से बातचीत और बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय करने पर फोकस करेंगे।
2026 के चुनाव में सत्ता बरकरार रखने के लिए पार्टी कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहती
असम में भाजपा सत्ता में है और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में सरकार काम कर रही है। इसी कड़ी में बैजयंत पंडा को असम का चुनाव प्रभारी बनाया गया है। पंडा भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं और संगठनात्मक रणनीति तथा चुनाव प्रबंधन में उनका अनुभव व्यापक है। उनके जिम्मे राज्य में सरकार के कामकाज को संगठन के साथ जोड़ना, चुनावी रणनीति को धार देना और विपक्षी दलों के खिलाफ मजबूत अभियान तैयार करना होगा।
भाजपा की ये नियुक्तियां अनुभवी नेताओं के जरिए अपने चुनावी अभियान को मजबूत करना चाहती है
दोनों नेताओं की नियुक्ति से यह साफ है कि भाजपा अभी से 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुट गई है। तमिलनाडु में जहां पार्टी विस्तार और स्वीकार्यता बढ़ाने पर जोर देगी, वहीं असम में सत्ता विरोधी माहौल को रोकने और विकास कार्यों को चुनावी मुद्दा बनाने की रणनीति अपनाई जाएगी।
