Suvangi Pradhan
अमेरिका के बाद अब मेक्सिको ने भी भारत से आने वाले कई उत्पादों पर 50% तक का टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। यह नया शुल्क जनवरी 2026 से लागू होगा। मेक्सिको सरकार का कहना है कि यह कदम स्थानीय उद्योगों को मज़बूत करने और विदेशी आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में उठाया गया है ।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार मोर्चे पर भारत के लिए एक और झटका सामने आया है
मेक्सिको की नई टैरिफ सूची में स्टील, केमिकल्स, टेक्सटाइल, मशीनरी और ऑटो पार्ट्स जैसे प्रमुख सेक्टर शामिल हैं, जिन पर भारत की निर्यात निर्भरता काफी अधिक है। पिछले कुछ वर्षों में भारत और मेक्सिको के बीच व्यापार तेजी से बढ़ा है और भारतीय कंपनियों ने मेक्सिको को एक उभरते बाज़ार के तौर पर स्थापित भी किया है। नई नीति लागू होने के बाद इन सेक्टरों में व्यापार महंगा होगा और कई भारतीय निर्यातकों को वैकल्पिक बाज़ार तलाशना पड़ सकता है।
मेक्सिको यह निर्णय केवल आर्थिक कारणों से नहीं, बल्कि डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन को साधने के लिए ले रहा है
ट्रम्प ने अपने पिछले कार्यकाल में लगातार सख्त व्यापार नीतियों का समर्थन किया था और अमेरिकी पड़ोसी देशों पर भी दबाव बनाया था कि वे ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के अनुरूप कदम उठाएँ। विशेषज्ञों के मुताबिक, मेक्सिको आने वाले वर्षों में अमेरिका के साथ अपने व्यापार संबंधों को और सुचारू करने के लिए ऐसे कदम उठा सकता है।
यह कदम भारत और मेक्सिको व्यापार संबंधों में नई चुनौतियों की शुरुआत माना जा रहा है
भारतीय व्यापार संगठनों ने चिंता जताई है कि यह फैसला 2026 के बाद भारत के निर्यात पर प्रभाव डाल सकता है। इंडस्ट्री बॉडीज़ सरकार से अपील कर रही हैं कि मेक्सिको के साथ कूटनीतिक स्तर पर बातचीत करके शुल्क में राहत दिलाई जाए। भारत की तेजी से बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा को देखते हुए मेक्सिको को दीर्घकाल में इस निर्णय पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है।

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