रोहित रजक भोपाल। जैसे ही बारिश का मौसम शुरू होता है, धरती भीगी-भीगी सी हो जाती है और हरियाली चारों ओर फैल जाती है।

यह मौसम बच्चों-बुजुर्गों सभी के लिए राहत लेकर आता है, लेकिन साथ ही कुछ खतरे भी साथ लाता है। इन्हीं खतरों में से एक है – साँपों का बाहर निकलना

क्यों निकलते हैं साँप बारिश में?

बारिश के दिनों में जब ज़मीन गीली हो जाती है और बिलों में पानी भर जाता है, तब साँप अपने ठिकानों से बाहर निकल आते हैं। वे सूखी और सुरक्षित जगह की तलाश में घरों, खेतों, लकड़ी के ढेर, झाड़ियों या नालियों में आ जाते हैं। यही कारण है कि इन दिनों गाँवों और कस्बों में साँप दिखाई देना आम हो जाता है।

साँपों से कैसे बचें?

साँप ज़्यादातर खुद से हमला नहीं करते, लेकिन अगर उन्हें डर लगे या कोई अचानक उनके पास चला जाए, तो वे काट सकते हैं। इसलिए ज़रूरी है कि हम कुछ सावधानियाँ बरतें:

1. घर के आस-पास साफ-सफाई रखें

घर के आस-पास की घास, झाड़ियों और कूड़े-कचरे को साफ रखें। ऐसी जगहें साँपों के छिपने की सबसे पसंदीदा जगह होती हैं।

2. रात में टॉर्च लेकर चलें

अगर आप रात में बाहर निकल रहे हैं तो टॉर्च का उपयोग करें। अंधेरे में साँप नजर नहीं आते और पैर पड़ने पर वे काट सकते हैं।

3. खुली जगहों पर न सोएं

खासतौर पर गाँवों में लोग छत या खुले बरामदे में सोते हैं। बारिश के मौसम में ऐसी जगहों पर सोने से बचें या मच्छरदानी और रोशनी का उपयोग करें।

4. जूते और बिस्तर की जांच करें

कभी-कभी साँप घर के अंदर भी घुस आते हैं। सुबह उठने से पहले चप्पलों या जूतों को उलट-पलटकर देख लें। बिस्तर पर चढ़ने से पहले भी एक बार ध्यान से देखें।

5. पशु शेड भी सुरक्षित रखें

अगर आपके घर में मवेशी हैं तो उनके रहने की जगह भी साफ और सूखी होनी चाहिए। वहाँ भी साँप छिप सकते हैं।

अगर साँप काट ले तो क्या करें?

  • सबसे पहले घबराएँ नहीं
  • पीड़ित को शांत रखें और उसे चलने न दें, ताकि ज़हर शरीर में तेजी से न फैले।
  • साँप का नाम या रंग याद रहे तो डॉक्टर को बताएं, लेकिन साँप को पकड़ने की कोशिश न करें।
  • तुरंत नजदीकी अस्पताल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं।
  • झाड़-फूँक या घरेलू इलाज में समय न गवाएं।

बारिश का मौसम जहाँ ठंडक और ताजगी लाता है, वहीं साँपों का खतरा भी साथ लाता है। थोड़ी सी जागरूकता और सतर्कता से हम अपने परिवार और बच्चों को इस खतरे से सुरक्षित रख सकते हैं। गांव हो या शहर, हर जगह इन बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है।

सावधानी रखें, सुरक्षित रहें।

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