Muskan Garg: भविता मंदावा, सिर्फ 25 साल की है और इस समय सुर्खियों में आ गईं है क्योंकि उन्होंने Chanel के Métiers d’Art 2026 शो की शुरुआत यानी “opening walk” करके इतिहास रच दिया है। वह भारत की पहली मॉडल बनीं जिन्होंने चेनल के इतने प्रतिष्ठित शो की शुरुआत की है।
परिवेश और पढ़ाई:
भविता का जन्म और बचपन भारत के हैदराबाद में हुआ। उन्होंने वहाँ के JNTU Hyderabad से बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर से आर्किटेक्चर की पढ़ाई पूरी की। बाद में उन्होंने अपनी पढ़ाई को और आगे बढ़ाया और अमेरिका चली गईं वहाँ उन्होंने न्यू यॉर्क यूनिवर्सिटी (NYU) से Interactive Design & Media / Human–Computer Interaction में मास्टर डिग्री की। शायद किसी ने यह सपना नहीं देखा था कि यह युवा आर्किटेक्ट, ग्लोबल फैशन रैंप पर कदम रखेंगी लेकिन किस्मत ने कुछ अलग ही लिख रखा था।
शुरुआत: न्यू यॉर्क रनवे से रैंप तक:
भविता की मॉडलिंग की शुरुआत बेहद अनियमित और अचानक हुई। न्यूयॉर्क शहर की subway (रेलवे) में जब वे सामान्य-साधारण कपड़ों में थीं जीन्स और टी-शर्ट तभी उन्हें देखा गया। उस मौके पर मैथ्यू ब्लेजी (जिस समय बोटेगा बेनेट के लिए काम कर रहे थे) ने उन्हें मॉडलिंग ऑफर की। यही वह मोड़ था जिसने उनके जीवन की दिशा बदल दी। केवल दो हफ्तों बाद उन्होंने बोटेगा बेनेट के स्प्रिंग/समर 2025 शो में अपनी पहली रैंप वॉक की और फिर उनकी किस्मत बदली। कुछ ही महीनों में, उन्हें ग्लोबल फैशन हाउस के लिये रैंप वॉक करते भी देखा गया।
Chanel Métiers d’Art 2026: एक ऐतिहासिक पल:
जब मैथ्यू ब्लेजी ने चेनल का क्रिएटिव डायरेक्टर बनना तय किया, भविता उनके पसंदीदा मॉडल्स में शामिल हो गईं। स्प्रिंग 2026 की उनकी पहली कलेक्शन से शुरू हुआ सिलसिला, अब Métiers d’Art 2026 शो तक पहुंचा और भविता वहीं सब से आगे रहीं। व्यूज़ बॉवेरी स्टेशन (Bowery Station) नाम के न्यूयॉर्क के पुराने subway स्टेशन-कन्वर्टेड रनवे पर, उन्होंने शो की शुरुआत की। यह वही जगह थी जहां उनका मॉडलिंग सफर शुरू हुआ था एक बेहद प्रतीकात्मक और “full-circle” मोमेंट। उनकी यह वॉक सिर्फ उनके लिए ही नहीं, बल्कि भारत के लिए भी गर्व का पल बन गई है क्योंकि वह पहली भारतीय मॉडल थीं जिसने चेनल के किसी शो की शुरुआत की हो।
परिवार की खुशी और भावनात्मक जीत:
भविता ने चेनल शो के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उनके माता-पिता उनकी वॉक करते हुए देख रहे थे। वीडियो में उनकी माँ खुशी से रोते हुए बार-बार उनका नाम ले रही थी, जबकि उनके पिता गर्व से देख रहे थे, और उन्होंने लिखा, “मैं नहीं बता सकता कि यह कितना महत्वपूर्ण है मेरे लिए।” यह सिर्फ एक मॉडलिंग सफलता नहीं बल्कि एक आम-सी लड़की के लिए, उसकी कड़ी मेहनत, उम्मीदों और परिवार के सपनों का सच होने जैसा पल था।
आने वाले दिन और विश्वास:
भविता मंदावा अभी शुरूआत ही कर रही हैं। उनकी यह सफलता दर्शाती है कि उनके टैलेंट, साहस और सही अवसर से सब सपने सच हो सकते हैं। आज वह न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। उनकी कहानी यह दिखाती है कि कभी-कभी हमारी सबसे साधारण राहें ही हमें हमारी असली मंजिल तक ले जाती हैं।
