Suvangi Pradhan: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और मौजूदा रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर भारत के खिलाफ कड़ा बयान दिया है। एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ट्रम्प ने दावा किया कि भारत सस्ते दाम पर चावल और अन्य कृषि उत्पाद अमेरिकी बाजार में भेज रहा है, जिसके चलते अमेरिकी किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
अगर वे सत्ता में लौटते हैं तो भारतीय कृषि उत्पादों पर टैरिफ लगाएगें
ट्रम्प ने कहा, “भारत से आने वाला चावल इतनी कम कीमत पर बाजार में पहुंच रहा है कि हमारे किसान प्रतिस्पर्धा ही नहीं कर पा रहे। वे मेहनत करते हैं, लेकिन उन्हें उनके उत्पाद का उचित मूल्य तक नहीं मिलता। उन्होंने जोर देकर कहा कि विदेशी बाजारों द्वारा अमेरिकी कृषि क्षेत्र को कमजोर करने की कोशिशों का जवाब देना जरूरी है।
ट्रम्प के इस बयान ने राजनीतिक और आर्थिक हलकों में बहस को जन्म दे दिया है
रैली में ट्रम्प ने यह भी आरोप लगाया कि कई देशों, खासकर भारत, वियतनाम और थाईलैंड, ने अमेरिका की उदार व्यापार नीतियों का लाभ उठाया है। वे हमसे भारी मुनाफा कमाते हैं और बदले में हमारे किसानों को घाटा उठाना पड़ता है, ट्रम्प ने कहा। उन्होंने वादा किया कि अगर वे दोबारा राष्ट्रपति बने तो ऐसी व्यापार नीतियों को तुरंत संशोधित किया जाएगा। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि चुनावी मौसम में ट्रम्प अक्सर व्यापारिक मुद्दों को कड़ा रूप देकर पेश करते हैं, जबकि अन्य मानते हैं कि बढ़ते आयात से स्थानीय किसानों पर वास्तविक दबाव बना है।
भारतीय चावल की मांग वैश्विक स्तर पर स्थिर और प्रतिस्पर्धी है, इसलिए इसे अनुचित कहना सही नहीं
हालांकि, यह स्पष्ट है कि ट्रम्प की इस टिप्पणी से भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर एक बार फिर नई चर्चा शुरू हो गई है। अब देखना यह होगा कि अगर ट्रम्प सत्ता में लौटते हैं तो वे वास्तव में अतिरिक्त टैरिफ लगाते हैं या यह बयान केवल चुनावी रणनीति है।
