Many agreement signed between India and Russia after Russia's President Vladimir Putin visit

Suvangi Pradhan: भारत और रूस के बीच रणनीतिक संबंधों को नई गति देने वाला बड़ा फैसला सामने आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों ने ट्रेड और ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी को लेकर अहम समझौते किए। इसके तहत अब भारत से रूस जाने वाले सामान को पहले की तुलना में 16 दिन कम समय लगेगा।
जो माल 40 दिन में पहुंचता था, वह नया मार्ग लागू होने के बाद सिर्फ 24 दिन में ही रूस पहुंच सकेगा
यह उपलब्धि इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर के तहत समुद्री दूरी में करीब 6000 किलोमीटर की कमी के कारण संभव हुई है। कॉरिडोर के सक्रिय होने से जहाजों को अब यूरोप के रास्ते लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। माल ईरान के अब्बास और अस्त्रखान होते हुए सीधा रूस तक पहुंचेगा। इससे व्यापार की लागत में कमी आने के साथ-साथ समय और संसाधनों की भी बचत होगी।
बैठक में दोनों देशों ने आपसी व्यापार को लेकर भी बड़ा लक्ष्य तय किया है

मोदी-पुतिन वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान के अनुसार, भारत और रूस ने 2030 तक दोतरफा व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का टारगेट निर्धारित किया है। वर्तमान में दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 65 अरब डॉलर के आसपास है, जिसे अगले छह वर्षों में बड़ी छलांग देने की योजना है।
रूस ने भारत को ऊर्जा, कोयला, खनिज और डिफेंस सेक्टर में सहयोग बढ़ाने का आश्वासन दिया
वहीं भारत ने फार्मा, कृषि उत्पाद, आईटी सेवाओं और टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट में अपनी भागीदारी मजबूत करने पर जोर दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज और सस्ता परिवहन मार्ग दोनों देशों के बीच व्यापारिक संतुलन को भी बेहतर करेगा।
इस समझौते को दक्षिण एशिया और यूरेशिया के बीच कनेक्टिविटी सुधारने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है
इससे न केवल भारत-रूस व्यापार को बल मिलेगा, बल्कि क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स के नए अवसर भी खुलेंगे। कुल मिलाकर, यह साझेदारी दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में नई ऊर्जा भरने वाली साबित होगी।

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