Suvangi Pradhan: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की अगुवाई में चल रही अमेरिकी सरकार ने 30 से अधिक देशों के नागरिकों पर ट्रैवल बैन लगाने की तैयारी शुरू कर दी है, ऐसे में पहले से 19 देशों को प्रतिबंधित कर दिया गया है।
ट्रम्प सरकार ने इस फैसले को सीधा सुरक्षा चिंताओं से जोड़ा
जून 2025 में ट्रम्प ने पहले ऐसे आदेश जारी किए थे जिनमें 12 देशों के नागरिकों को अमेरिका में प्रवेश से पूरी तरह रोक दिया गया था और 7 अन्य देशों पर आंशिक प्रतिबंध लगाए गए थे। अब गृह सुरक्षा मंत्री ने स्पष्ट कहा है कि यह सूची 30 से अधिक देशों तक बढ़ सकती है। इस बढ़ावे का मुख्य कारण पिछले हफ्ते वॉशिंगटन में हुए नेशनल गार्ड सदस्यों के मारे जाने का मामला बताया गया है, जिसे अफगान नागरिक द्वारा अंजाम दिया गया था।
प्रशासन का कहना है कि जिन देशों में स्थिर सरकार नहीं है, उन्हें अमेरिका में प्रवेश नहीं मिलना चाहिए
पूर्ण प्रतिबंध के तहत जिन देशों के नागरिकों को अमेरिका में प्रवेश से रोका गया है उनमें शामिल हैं अफगानिस्तान, चाड, रिपब्लिक ऑफ कांगो, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, म्यांमार, सोमालिया, सूडान और यमन। आंशिक प्रतिबंध के अंतर्गत बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लेओन, तोगो, तुर्कमेनिस्तान, वेनेजुएला जैसे देशों को अब रोका जाएगा। आलोचकों का मानना है कि इस तरह की नीति राष्ट्रीयता-आधारित भेदभाव की दिशा में कदम है और इसके तीव्र कानूनी व मानवाधिकार-आधिकार विवाद खड़े हो सकते हैं।
अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि आगामी सूची में कौन कौन से देश जोड़ेंगे जाएंगे और कब से नया प्रतिबंध लागू होगा
गृह सुरक्षा विभाग जल्द ही इस पर आधिकारिक विवरण जारी कर सकता है। अमेरिका की यह नई ट्रैवल बैन पहल वैश्विक प्रवास, वीजा प्रक्रियाओं और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों पर गहरा असर डाल सकती है, खासकर उन देशों के लिए जो पहले से ही प्रतिबंधित सूची में हैं या जिनके नाम इसमें शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
