रिया सिन्हा: आज बॉलीवुड की सफलतम अभिनेत्रियों में गिनी जाने वाली यामी गौतम ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत टेलीविजन की दुनिया से की थी। उनका पहला लीड रोल वाला शो ‘ये प्यार न होगा कम’ (2009-2010) था, जिसमें उनके अपोजिट लोकप्रिय टीवी एक्टर गौरव खन्ना मुख्य भूमिका में थे। इस धारावाहिक में यामी ने लहर माथुर और गौरव खन्ना ने अबीर बाजपेयी का किरदार निभाया था। ऑन-स्क्रीन उनकी केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब सराहा था, और यह शो काफी पॉपुलर हुआ था। यामी ने साबित कर दिया था कि छोटे पर्दे पर उन्होंने जो एक्टिंग स्किल्स सीखी हैं, वह उन्हें बड़े मुकाम तक ले जाएंगी।
छोटे पर्दे की लहर, बड़े पर्दे की स्टार
टीवी सीरियल की सफलता के बाद, यामी गौतम ने बॉलीवुड में कदम रखा। उन्होंने अपनी पहली हिंदी फिल्म ‘विकी डोनर’ (2012) से ही इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना ली। यह फिल्म रिलीज़ होते ही बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई और यामी को उनके नेचुरल अभिनय के लिए काफी प्रशंसा मिली। इस फिल्म ने उन्हें रातोंरात एक बॉलीवुड स्टार बना दिया। यह एक बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे टेलीविजन प्रतिभा के लिए एक लॉन्चपैड का काम कर सकता है।
दमदार फिल्मों से दर्शकों का दिल जीता
‘विकी डोनर’ के बाद यामी गौतम ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार एक से बढ़कर एक फिल्मों में काम किया। उन्होंने ‘बदलापुर’, ‘काबिल’, ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’, और ‘बाला’ जैसी समीक्षकों द्वारा सराही गई और व्यावसायिक रूप से सफल फिल्मों में दमदार भूमिकाएं निभाईं। अपनी हर फिल्म में उन्होंने अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया। आज यामी गौतम का नाम बॉलीवुड की सबसे टैलेंटेड और भरोसेमंद अभिनेत्रियों में शुमार है। उनका सफर यह दिखाता है कि प्रतिभा और मेहनत से टेलीविजन का कोई भी चेहरा बॉलीवुड का चमकता सितारा बन सकता है।

