Suvangi Pradhan: दक्षिण काकेशस में सुरक्षा संतुलन को ध्यान में रखते हुए अर्मेनिया ने इंडिया के साथ चल रहे लगभग ₹10 हजार करोड़ की 12 विमानों की डील पर अचानक ब्रेक लगा दिया है। यह समझौता भारत की हिंदुस्तान एयरोनाँटिक्स लिमिटेड द्वारा निर्मित तेजस Mk-1A लड़ाकू विमानों की खरीद और विक्रय को लेकर था।
हाल ही में दुबाई एयरशो 2025 में तेजस के प्रदर्शन के दौरान हुए क्रैश ने कई सवाल खड़े कर दिए
इस दुर्घटना में भारतीय वायुबल के पायलट की मृत्यु हो गई, और उसके तुरंत बाद आर्मेनिया ने बातचीत पर अस्थायी रूप से रोक लगाने का फैसला लिया। डील की पृष्ठभूमि में यह था कि आर्मेनिया अपने पुराने सोवियत कल के विमानों से बाहर निकल कर आधुनिक लड़ाकू विमानों की खरीद करना चाहता था।
आर्मेनिया के इस कदम को भारत के लिए एक बड़ी चुनौतियों के रूप में देखा जा रहा है
इसे भारत की रक्षा निर्यात रणनीति के लिए झटका माना जा रहा है। क्रैश की वजह से विमान के प्रदर्शन-और-विश्वसनीयता-प्रश्न सामने आए हैं, जिससे विदेशी खरीदारों का भरोसा प्रभावित हुआ। हालांकि भारतीय रक्षा मंत्रालय ने अभी तक इस सौदे के पूरी तरह से रद्द होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, आर्मेनिया ने अन्य विकल्पों की ओर देखने की शुरुआत कर दी है।
वैश्विक रक्षा बाजार में अब गुणवत्ता, विश्वास और प्रदर्शन-रिकॉर्ड की भूमिका पहले से कहीं अधिक हो गई है
भारत के लिये यह वक्त है कि वे अपनी रक्षा निर्यात योजनाओं में और पारदर्शिता, भरोसेमंदी और प्रमाणित रिकॉर्ड सुनिश्चित करें। भारत ने तेजस को एक किफायती विकल्प के रूप में पेश किया था, जिसमें कई भारतीय उपग्रह तथा इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियाँ लगाई गई थीं
