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रोहित रजक। भोपाल : राजधानी भोपाल में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान झुग्गीवासियों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस के नेता एवं पूर्व मंत्री पी.सी शर्मा सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर परिसर में विरोध किया।

पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों पीड़ितों ने नगर प्रशासन द्वारा की जा रही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाइयों और पुनर्वास की व्यवस्था न होने के खिलाफ आवाज़ बुलंद की।

विरोध प्रदर्शन का मुख्य केंद्र भदभदा बस्ती, 12 नंबर स्टॉप से जवाहर चौक स्थानांतरित किए गए परिवार, मानस भवन के पीछे रह रहे आदिवासी समुदाय, और दीपक नगर व मोती नगर जैसे इलाके रहे, जहां पिछले कुछ दिनों में नगर निगम द्वारा की गई कार्रवाई ने गरीब और झुग्गी में रहने वाले लोगों के जीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।

100 साल पुरानी बस्ती को उजाड़ा, अब तक नहीं मिला मकान पूर्व मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने जनसुनवाई के दौरान बताया कि भदभदा क्षेत्र की बस्ती करीब 100 साल पुरानी है, जहां पीढ़ियों से लोग रह रहे हैं।

लेकिन नगर निगम ने इस ऐतिहासिक बस्ती को उजाड़ दिया और आज तक इन परिवारों को कोई वैकल्पिक आवास नहीं दिया गया।

उन्होंने प्रशासन से सवाल पूछा कि गरीबों को उजाड़कर आखिर सरकार उन्हें कहाँ ले जाना चाहती है?

बारिश में अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई बनी संकट

वर्तमान में शहर में मानसून सक्रिय है और रोजाना बारिश हो रही है। ऐसे समय में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अमानवीय बताया गया।

मोती नगर में तो लोगों की दुकानों के साथ-साथ मकानों को भी तोड़ा जा रहा है। दीपक नगर में भी लोगों को उजाड़कर खुले आसमान के नीचे छोड़ दिया गया है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बारिश के मौसम में छत छीनना सीधे-सीधे मानवाधिकारों का उल्लंघन है।

ज्ञापन सौंपकर की तीन प्रमुख मांगें

प्रदर्शन के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने भोपाल कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा, जिसमें निम्न तीन प्रमुख मांगें की गईं:

  1. बरसात के मौसम में अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाई जाए।
  2. झुग्गियों से विस्थापित लोगों को तत्काल स्थायी आवास उपलब्ध कराए जाएं।
  3. गरीबों की आजीविका और जीवन सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

पूर्व मंत्री शर्मा ने कहा, “सरकार का काम गरीबों को सुरक्षा देना है, न कि उनकी छत और रोजगार छीनना। हम तब तक चुप नहीं बैठेंगे जब तक हर झुग्गीवासी को उसका हक नहीं मिल जाता।”

सामाजिक नेताओं की मौजूदगी

इस मौके पर नगर निगम नेता प्रतिपक्ष एडवोकेट साबिस्ता जकी, कांग्रेस झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष निकेश चौहान, वार्ड 24 कांग्रेस अध्यक्ष शोएब खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पीड़ित झुग्गीवासी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में नगर प्रशासन की कार्रवाई को अन्यायपूर्ण और गरीब विरोधी बताया।

सरकार से पूछा सवाल – आखिर गरीब जाए तो जाए कहाँ?

प्रदर्शनकारी महिलाओं ने भावुक होकर बताया कि बच्चे बीमार हैं, स्कूल नहीं जा पा रहे और सिर पर छत नहीं है। कुछ लोगों ने कहा कि उन्हें बिना किसी सूचना के जबरन हटाया गया।

प्रशासन सिर्फ कागज़ों में पुनर्वास की बात करता है, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही है।

भोपाल में झुग्गीवासियों की समस्या कोई नई नहीं है, लेकिन वर्तमान में जो हालात हैं, वे मानवीय दृष्टि से बेहद चिंताजनक हैं। प्रशासन यदि पुनर्वास की ठोस व्यवस्था किए बिना कार्रवाई करता है, तो यह सिर्फ मकान तोड़ने का नहीं, बल्कि ज़िंदगियां उजाड़ने का मामला बन जाता है।

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