Muskan Garg: हम अक्सर मान लेते हैं कि शुगर लेवल बढ़ने का मतलब है कि व्यक्ति ने ज्यादा मिठाई खा ली होगी, लेकिन हकीकत इससे कहीं अलग है। मिठाइयाँ निश्चित रूप से शुगर को प्रभावित करती हैं, लेकिन यह एकमात्र कारण नहीं है। कई लोग बिना मिठाई खाए भी शुगर लेवल बढ़ते हुए देखते हैं, और इसका कारण उनके खान-पान से ज्यादा शरीर की आंतरिक प्रक्रिया का खराब होना होता है।

असली कारण: इंसुलिन की कमी या रेजिस्टेंस:
जब इंसुलिन काम नहीं करता, शरीर में शुगर लेवल बढ़ता है। इंसुलिन नामक हार्मोन खून में मौजूद ग्लूकोज़ को कोशिकाओं तक पहुँचाता है, जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है, पर जब: शरीर कम मात्रा में इंसुलिन बनाता है, या इंसुलिन प्रतिरोधक कोशिकाएँ इंसुलिन को पहचानना बंद कर देती हैं, ग्लूकोज़ तब खून में घुल जाता है और शुगर स्तर बढ़ने का मुख्य कारण यही है, सिर्फ मिठाई ज्यादा खाना नहीं।

कार्बोहाइड्रेट सबसे बड़ा योगदानकर्ता:
कार्बोहाइड्रेट (जैसे रोटी, चावल, आलू, पास्ता, ब्रेड) खाने के बाद भी शुगर का स्तर तेजी से बढ़ सकता है। क्योंकि शरीर इन खाद्य पदार्थों को जल्दी ग्लूकोज़ में बदल देता है इसलिए मिठाई न खाने पर भी शरीर में अधिक शुगर हो सकता है।

तनाव, नींद और हार्मोन भी है जिम्मेदार:
कई बार बिना कुछ मीठा खाए भी शुगर बढ़ जाती है क्योंकि: तनाव शरीर में कॉर्टिसॉल को बढ़ाता है, जिससे शरीर में शुगर का स्तर बढ़ता है अर्थात् नींद की कमी से इंसुलिन कम हो जाता है। हार्मोनल बदलाव, जैसे पीसीओएस या थायरॉयड भी शुगर पर असर डालते हैं।

गलत समय पर खाना और शारीरिक गतिविधि में भी कमी:
रात में देर से भोजन करना, भारी भोजन करना या लगातार स्नैकिंग भी शुगर का स्तर बढ़ा सकता है। यदि आप मीठा नहीं खाते हैं, लेकिन आप कम चलते हैं या एक्सरसाइज नहीं करते, तो आपका शरीर ग्लूकोज़ का उपयोग नहीं कर पाता, और फिर खून में जमा हो जाता है।

मिठाई नहीं, शरीर की इंसुलिन समस्या है असली वजह:
मिठाई शुगर बढ़ाने का एक कारण है, लेकिन सबसे बड़ा कारण इंसुलिन से जुड़ी समस्या है। इसलिए शुगर को नियंत्रित रखना आवश्यक है जिसके लिए: संतुलित आहार, नियमित रूप से व्यायाम, तनाव कम करना, पर्याप्त नींद आवश्यक हैं। जब शरीर में इंसुलिन सही से काम करता है, तो थोड़ी मिठाई भी उतना नुकसान नहीं करती।

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