Muskan Garg: दिल्ली ब्लास्ट केस की जांच में एक और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि आरोपी डॉ. मुजम्मिल ने अपने सहयोगी शब्बीर के घर पर कई संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और सामग्री छुपाकर रखी थी। ये वही सामग्री बताई जा रही है, जिसे ब्लास्ट की साजिश से जोड़कर देखा जा रहा है।

संदिग्ध उपकरण मिले, जांच तेज़:
जांच टीम द्वारा शब्बीर के घर पर की गई तलाशी में कई ऐसी चीजें पाई गईं, जो सीधे तौर पर विस्फोटक तैयार करने या उनकी टाइमिंग सेट करने के काम में लाई जा सकती हैं। इनमें सर्किट बोर्ड, टाइमर, बैटरी पैक और विशेष वायरिंग शामिल बताई जा रही है। फॉरेंसिक टीम इन उपकरणों की विस्तृत जांच कर रही है।

डॉ. मुजम्मिल की भूमिका पर गहराए सवाल:
जांच अधिकारियों के पूछताछ में डॉ. मुजम्मिल ने स्वीकार किया कि शब्बीर के घर संदिग्ध वस्तुएं उसके ही कहने पर रखी गई थीं। वह इनका क्या उद्देश्य था, इसका स्पष्ट जवाब नहीं दे पाया। जिससे साजिश की गहराई का पता लगाया जा सके, उसके फोन रिकॉर्ड और ट्रैवल हिस्ट्री भी खंगाली जा रही है।

शब्बीर का दावा: ‘मुझे सच कुछ भी नहीं पता था’:
शब्बीर ने अपना बचाव करते हुए कहा कि उसे उपकरणों की वास्तविक प्रकृति का पता नहीं था। उसने बताया कि मुजम्मिल ने इन्हें घर में रखने को कहा और इन्हें “शोध सामग्री” बताया था। जांच एजेंसी भी इस दावे की पुष्टि करने की कोशिश कर रही है कि शब्बीर जानबूझकर इस साजिश में शामिल था या उसका घर अनजाने में इस्तेमाल किया गया था।

सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती बढ़ी:
दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शहर के कई संवेदनशील क्षेत्रों में उच्च अलर्ट लगाया है। तकनीकी टीम संदिग्ध डाटा रिकवर करने में लगी हुई है ताकि ब्लास्ट की योजना और अन्य लोगों को पता लगाया जा सके।

दिल्ली ब्लास्ट केस को इस नवीनतम खुलासे ने एक नई दिशा दी है। डॉ. मुजम्मिल और शब्बीर के बयानों में मतभेद होने के कारण जांच एजेंसियां मामले की गहराई तक जांच करने में जुटी हैं। भविष्य में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।


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