Baljinder Kaur: सर्दियों का मौसम आते ही लोग अक्सर घूमने का प्लान बनाने लगते है। छुट्टियाँ शुरू होते ही लोग मनाली, शिमला, मसूरी या कश्मीर जैसे ठंडे इलाकों की ओर निकल पड़ते है। सर्दियों में बर्फ से ढके पहाड़ किसी भी यात्री का मन मोह लेते है। लेकिन इन सुंदर जगहों की सैर करते समय एक ऐसी चीज़ है जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं—ब्लैक आइस (Black Ice)। जो दिखने में साधारण लगती है, पर सड़क सफर को बेहद ख़तरनाक बना सकती है।
ब्लैक आइस क्या है?
पहाड़ों की खूबसूरती के बीच छुपा एक खतरनाक जाल। ब्लैक आइस एक पतली, पारदर्शी परत होती है जो सड़क पर जम जाती है। यह इतनी साफ़ होती है कि दिखाई ही नहीं देती और सड़क का रंग जो आमतौर पर काला या ग्रे होता है वैसा ही नजर आता है। इसलिए इसे “ब्लैक आइस” कहा जाता है। असल में यह बर्फ नहीं, बल्कि बेहद पतली जमी हुई पानी की परत होती है।
ब्लैक आइस कब और कैसे बनती है?
सर्दियों में तापमान शून्य (0°C) के करीब पहुंचते ही हवा में मौजूद बारिश का पानी जमकर सड़क पर चिपक जाता है। खासकर पहाड़ी इलाकों में यह ज्यादा होती है, क्योंकि वहां रात का तापमान काफी नीचे चला जाता है।
ब्लैक आइस बनने की कुछ सामान्य स्थितियाँ:
सुबह-सुबह या देर रात, जब तापमान सबसे कम होता है या ऐसी जगहों पर जहां सूरज की धूप नहीं पहुंचती।
पुलों पर, क्योंकि ये नीचे से खुले होते हैं और जल्दी ठंडे हो जाते ।
ब्लैक आइस क्यों खतरनाक है?
क्योंकि यह दिखाई नहीं देती। ड्राइवर को सड़क सूखी लगती है, लेकिन जैसे ही टायर इस पर आते हैं, वाहन अचानक फिसलने लगता है। ब्रेक लगाने पर भी पकड़ नहीं बनती और गाड़ी बेकाबू हो सकती है। हर साल पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाली कई दुर्घटनाओं की बड़ी वजह यही ब्लैक आइस होती है।
सफर सुरक्षित कैसे करें?
1.सर्दियों में पहाड़ों पर गाड़ी हमेशा धीमी स्पीड पर चलाएं। तेज गति फिसलने की संभावना बढ़ा देती है।
2.ब्लैक आइस पर अचानक ब्रेक लगाने से टायर स्लिप करते हैं। धीरे-धीरे ब्रेक लगाना सुरक्षित रहता है।
3.मोड़ों पर ब्लैक आइस ज्यादा मिलती है। मोड़ लेते समय गाड़ी को संतुलित और धीमा रखें।
4.अक्सर प्रशासन मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी देता रहता है। उस पर ध्यान देना जरूरी है।
पहाड़ों की यात्रा रोमांचक होती है, लेकिन सुरक्षित सफर सबसे जरूरी है। ब्लैक आइस दिखती नहीं, पर खतरा जरूर बन जाती है। इसलिए इन बातों का ध्यान रखें और अपनी छुट्टियों का मज़ा बिना किसी परेशानी के लें।
