Cardiac arrest VS heart attackकार्डियक अरेस्ट बनाम हार्ट अटैक (फोटो:X)

रानू यादव। आजकल स्वस्थ दिखने वाले लोग को भी अचानक दिल से जुड़ी समस्याओं का शिकार हो जा रहे है, जिसमें सडन कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक मुख्य हैं। अक्सर लोग इन दोनों स्थितियों को एक जैसा मान लेते हैं, जबकि इनके कारण, लक्षण और इलाज बिल्कुल अलग होते हैं। हाल ही में अभिनेत्री शेफाली जरीवाला के निधन ने सभी को परेशान कर दिया है, जो कार्डियक अरेस्ट बताया जा रहा है। जबकि, हाल में खबर आई थी कि क्रिकेट के मैदान में क्रिकेट खेलते हुए एक शख्स को हार्ट अटैक आ गया।

हम सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसे अनेक वीडियो देखते हैं जिसमें खेलते हुए, डांस करते हुए, जिम करते हुए हार्ट अटैक से लोगों की अचानक मौत हो जा रही है। आखिर हार्ट अटैक और कार्डिएक अरेस्ट क्या है? हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में क्या अंतर है, इनके लक्षण क्या हैं और इस खतरे से बचने के लिए हमें क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए।

कार्डियक अरेस्ट क्या है?

कार्डियाक अरेस्ट, हार्ट अटैक से एकदम अलग तरह की स्थिति होती है। कार्डियेक अरेस्ट होने पर व्यक्ति के हार्ट को ब्लड व ऑक्सीजन की सप्लाई एकदम से बंद हो जाती है। इसके चलते व्यक्ति की पल्स बंद हो जाती है और सांस रुक जाती है।कार्डिएक अरेस्ट एक चिकित्सा आपातकालीन स्थिति है जिसमे व्यक्ति का दिल अचानक से धड़कना बंद कर देता है, इसलिए इसे सडन कार्डियक अरेस्ट भी कहते हैं। यदि मस्तिष्क और अन्य अंगों को रक्त की आपूर्ति में कमी का तुरंत उपचार नहीं किया जाता है, तो व्यक्ति बेहोश हो सकता है, विकलांगता आ सकती है, या शायद उसकी मृत्यु भी हो सकती है। जब हृदय अचान और अप्रत्याशित रूप से रक्त पंप करना बंद कर देता है, तो व्यक्ति में कार्डियक अरेस्ट होता है। और इसकी वजह से मस्तिष्क और अन्य अंगों को रक्त की आपूर्ति में कमी या पूर्ण अवरोध आ सकता है।


कार्डिएक अरेस्ट के कारण क्या हैं?

अर्यथमिया (arrhythmias) और वेंट्रिकुलर फिब्रिलेशन (ventricular fibrillation): हृदय में विद्युत संकेत खराब होने की वजह से अनियमित दिल की धड़कन या अर्यथमिया होता है। वेंट्रिकुलर फिब्रिलेशन, अर्यथमिया का एक प्रकार है, जो की कार्डियक अरेस्ट का मुख्य कारण है। वें ट्रिकुलर फिब्रिलेशन में तेज़ दिल की धड़कन, हृदय के कांपने का कारण बनती है।

:सामान्य से बढ़ा हुआ दिल या कार्डियोमायोपैथी
:अत्यधिक रक्त की हानि
:वाल्वुलर हार्ट डिजीस
:ऑक्सीजन की कमी
:मैग्नीशियम और पोटेशियम के स्तर में वृद्धि

कार्डियक अरेस्ट की पहचान कैसे करें?

अगर कोई अचानक गिर जाता है और सही से सांस नहीं ले पा रहा है, सांस लेने में दिक़्क़त हो रही हो, व्यक्ति को हिलाने या बुलाने पर भी आपको कोई प्रतिक्रिया नहीं देता तो। ये सारे कार्डियक अरेस्ट की पहचान है।

कार्डियक अरेस्ट में क्या करें?

कार्डियक अरेस्ट एक मेडिकल इमरजेंसी है जिसमें तुरंत इलाज की आवश्यकता होती है। अगर किसी को कार्डियक अरेस्ट होता है, तो सबसे पहले 112 या 108 जैसी आपातकालीन सेवाओं को कॉल करें। इसके बाद, यदि आप प्रशिक्षित हैं तो सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) शुरू करें और यदि उपलब्ध हो तो AED (ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफाइब्रिलेटर) का उपयोग करें। कार्डियक अरेस्ट से बचने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना, नियमित व्यायाम करना, और धूम्रपान से बचना महत्वपूर्ण है।

हार्ट अटैक क्या है?

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, ऐसा तब होता है जब हृदय की मांसपेशियों को रक्त प्रवाह प्रदान करने वाली कोरोनरी धमनियां प्लाक – वसा, कोलेस्ट्रॉल और अन्य पदार्थों के जमाव के कारण संकुचित हो जाती हैं। इस धीमी प्रक्रिया को एथेरोस्क्लेरोसिस के नाम से जाना जाता है। जब हृदय की धमनी में प्लाक टूट जाता है, तो प्लाक के चारों ओर रक्त का थक्का बन जाता है। यह रक्त का थक्का धमनी के माध्यम से हृदय की मांसपेशियों में रक्त के प्रवाह को अवरुद्ध कर सकता है।

हार्ट अटैक के लक्षण क्या हैं?

हार्ट अटैक का सबसे प्राथमिक लक्षण है सीने में दर्द होना। दबाव, भारीपन या जकड़न जैसे महसूस होने लगता है। जो केवल बाएं तरफ नहीं होता बल्कि बिच में या दाए तरफ भी होता है। यह दर्द पेट के ऊपर की तरफ जाता है, कभी बाए हाथ या कंधे की तरफ जाता है। यह कई बार जबड़े में या दांत में भी दर्द हो सकता है। इसके अलावा सांस की तकलीफ और पसीना आने के अलावा गैस होने की फीलिंग आना भी शामिल है।

हार्ट अटैक का प्राथमिक उपचार:

आपातकालीन चिकित्सा सहायता के लिए 911 पर कॉल करें। व्यक्ति को बैठने, आराम करने तथा शांत रहने का प्रयास करने को कहें। किसी भी तंग कपड़े को ढीला कर दें। पूछें कि क्या व्यक्ति सीने में दर्द की कोई दवा लेता है, जैसे कि किसी ज्ञात हृदय रोग के लिए नाइट्रोग्लिसरीन, और उसे लेने में उसकी मदद करें। यदि व्यक्ति बेहोश है और प्रतिक्रिया नहीं कर रहा है, तथा उसकी सांस नहीं चल रही है या उसकी नाड़ी नहीं चल रही है, तो 911 या स्थानीय आपातकालीन नंबर पर कॉल करें, फिर सीपीआर शुरू करें अगर आस-पास दो लोग हैं।

क्या न करे?

यदि आवश्यक हो तो मदद के लिए पुकारने के अलावा व्यक्ति को अकेला न छोड़ें। व्यक्ति को लक्षणों से इनकार करने और आपातकालीन सहायता के लिए फोन न करने के लिए राजी न होने दें। यह देखने के लिए इंतजार न करें कि लक्षण दूर हो जाएंगे या नहीं। जब तक हृदय संबंधी कोई दवा (जैसे नाइट्रोग्लिसरीन) निर्धारित न की गई हो, तब तक व्यक्ति को मुंह से कुछ न दें।

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