Toshi Gupta: आजकल की भागदौड़ और थकान की वजह से लोगों को बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं। कभी यह दिक्कत खाने को लेकर होती हैं। तो कभी नींद को लेकर। हमें से कई लोग अकसर इन सब समस्याओं को ऩजर अंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आपको पता है इन्हें ऩजर अंदाज करना मतलब बीमारी को अपने घर बुलाना। जी हां, अगर आपको रात में नींद नहीं आती हैं, या आपको लगातार सर में तेज़ होता हैं। तो आपको स्लीप एपनिया हो सकता हैं। आइए जानते है क्या होता हैं स्लीप एपनिया ?
स्लीप एपनिया क्या हैं ?
स्लीप एपनिया एक तरह की गंभीर बीमारी हैं। यह एक तरीके का स्लीपिंग डिसऑर हैं। जिसमें सोते समय सांस लेने में दिक्कत होती हैं। बार-बार सांस अटकने की वजह से खून में ऑक्सीजन की कमी हो जाती हैं। जिसकी वजह से हार्ट और ब्रेन में प्रॉब्लम आने लगती हैं। स्लीप एपनिया दो प्रकार का होता हैं ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) और सेंट्रल स्लीप एपनिया (CSA)।
स्लीप एपनिया होने के कारण क्या हो सकते हैं ?
स्लीप एपनिया होने के बहुत से कारण हो सकते हैं। ज्यादातर यह तब होता जब आपकी नाक में एयरफ्लो का ब्लॉकेज हो जाता हैं। जिसकी वजह से आपको सोते वक्त सांस लेने में दिक्कत होती हैं। दुसरा करण आपके ब्रेन पर डिपेन्ड करता हैं। अगर आपका ब्रेन सहीं तरीके से ब्रीथिंग को रेगुलेट नहीं कर पाता, तब स्लीप एपनिया की प्रॉब्लम हो सकती हैं।
स्लीप एपनिया से किसको ज्यादा खतरा ?
स्लीपिंग डिसऑर स्लीप एपनिया से सबको नहीं पर कुछ लोगों को डरने की जरूरत हैं। स्लीप एपनिया उनके लिए खतरे का संकेत हैं, जिनका BMI (Body Mass Index) ज्यादा हैं। जो लोग ज्यादा देर तक सोते हैं उनको भी इससे खतरा हो सकता हैं। अगर हम पुरुषों की बात करें तो उनको इससे बचने की ज्यादा जरूरत हैं।
स्लीप एपनिया के लक्षण क्या होते हैं ?
स्लीप एपनिया एक घातक स्लीपि डिसऑर हैं। यह डिसऑर किसी भी ऐज ग्रुप के लोगों को हो सकता हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, स्लीप एपनिया के समय एक इंसान की सांस कुछ सेकंड या एक मिनट तक के लिए रुक जाती हैं। इसके कुछ लक्षण जैसे-
1- सिर में बहुत तेज़ दर्द होना।
2- रात को सही से नींद ना आना।
3- सोते वक्त सांस फूलना या बार-बार खर्राटे आना।
4- दिन में ज्यादा नींद आना।
5- साथ- साथ सुबह उठने पर का मुंह सूखना।
