नीतीश कुमार

बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब 20 नवंबर 2025 को जेडीयू सुप्रीमो नीतीश कुमार ने पटना के गांधी मैदान में 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह अवसर इसलिए भी खास रहा क्योंकि किसी भी नेता ने इतनी बार किसी राज्य का मुख्यमंत्री बनकर नया रिकॉर्ड कायम नहीं किया है।

शपथ ग्रहण समारोह में देश के कई बड़े नेता मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और एनडीए शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री भी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान ने नीतीश कुमार और उनके मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

नई एनडीए सरकार में कुल 26 मंत्रियों ने शपथ ली। इनमें 14 मंत्री बीजेपी, 8 जेडीयू, 2 एलजेपी (RV) और एक-एक HAM (S) और RLM से हैं। खास बात यह है कि इस बार कैबिनेट में 9 नए चेहरे शामिल हुए हैं। एलजेपी(RV) के संजय कुमार सिंह भी मंत्री बने, जिन्होंने महुआ सीट पर तेज प्रताप यादव को हराया था। नीतीश की कैबिनेट में इस बार केवल एक मुस्लिम मंत्री शामिल हैं।

71 वर्षीय नीतीश कुमार पिछले 19 वर्षों से बिहार की राजनीति में सबसे प्रमुख चेहरे रहे हैं। वह इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़े और विधान परिषद के सदस्य (MLC) के रूप में शपथ ली।

हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में एनडीए ने 243 में से 202 सीटें जीतकर शानदार वापसी की। बीजेपी को 89, जेडीयू को 85, एलजेपी(RV) को 19, HAM को 5 और RLM को 4 सीटें मिलीं। इस जीत ने नीतीश कुमार की नेतृत्व क्षमता और राजनीतिक प्रभाव को एक बार फिर मजबूत किया है।

By Ranjan Bhagat

रंजन भगत एक राजनीतिक पत्रकार है, जो राजनीति की गहराइयों को समझने और सच्चाई को सामने लाने के लिए अपनी विशेष रिपोर्ट पेश करने के लिए जाने जाते है । पिछले दो वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में रहते हुए उन्होंने चुनावी अभियान, विधानसभाओं की कार्यवाही, स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक की राजनीतिक हलचलों को करीब से कवर किया है। उनका उद्देश्य महज़ बयान और खबरें देना नहीं, बल्कि राजनीति के पीछे छुपे इरादों, जनभावनाओं और समाज पर पड़ने वाले असर को पाठकों तक ज़िम्मेदारी और निष्पक्षता के साथ पहुँचाना है।

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