Suvangi Pradhan: बिहार की राजनीति एक बार फिर तेजी से करवट ले रही है। मुख्यमंत्री पद का शपथ ग्रहण समारोह, जिसे पहले सुबह के लिए निर्धारित किया गया था, अब बदलकर कल दोपहर 1:30 बजे कर दिया गया है। राजभवन की ओर से नई सूचना जारी होने के बाद सभी राजनीतिक दलों में हलचल बढ़ गई है। मुख्यमंत्री पद की कमान एक बार फिर नीतीश कुमार के हाथ में जाने जा रही है। जेडीयू की विधायक दल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुना गया, जिसके बाद सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है।
जेडीयु विधायक दल की बैठक में नीतीश विधायक दल के नेता चुने गए
नीतीश कुमार कल अपने आठवें कार्यकाल की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे। माना जा रहा है कि नीतीश के साथ 8 से 12 मंत्रियों का छोटा कैबिनेट भी शपथ ले सकता है, जिसे बाद में विस्तार दिया जाएगा। राजनीतिक गलियारों में जिन नामों पर सबसे अधिक चर्चा है, वो है विजय कुमार चौधरी जिनको वित्त या शिक्षा की जिम्मेदारी मिल सकती है, श्रवण कुमार को ग्रामीण विकास का दायित्व, संजय झा को जल संसाधन या पथ निर्माण का, और लेशी सिंह को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण का दायित्व मिल सकता है। वहीं दुसरी ओर भाजपा कोटे सेविनोद तावड़े या संजय जायसवाल उपमुख्यमंत्री पद के लिए चर्चे में है, सम्राट चौधरी ऊर्जा या नगर विकास मंत्री, नितिन नबीन पथ निर्माण विभाग और मंगल पांडेय स्वास्थ्य विभाग मिलने की संभावनाएं है।
बिहार की राजनीति एक बार फिर लिखने जा रही है नया अध्याय
इसके अलावा कुछ नए चेहरों को भी मौका मिलने की संभावना है, ताकि नए समीकरणों के साथ सत्ता और संगठन का संतुलन बनाया जा सके। नीतीश कुमार ने बैठक के बाद कहा कि वे “बिहार के विकास और सुशासन” के एजेंडे पर आगे काम करेंगे। भाजपा नेताओं ने भी नई सरकार को “स्थिर और विकासमुखी” बताया। अब सबकी निगाहें कल होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर टिक गई हैं, जहाँ बिहार की राजनीति एक बार फिर नया अध्याय लिखने जा रही है
