Toshi Gupta: आज हम आपको लेकर चलेंगे एक अद्बुध और आलौकिक सफर पर। जहाँ आपको आस्था और चमत्कार का मिश्रण देखने को मिलेगा। जी हाँ हम बात कर रहे हैं आस्था और इतिहास के प्रदेश मध्य प्रदेश की। यहाँ कुछ ऐसे अद्भुद शिव मंदिर हैं जिनका रहस्य आपको हिला के रख देगा।
महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन
तो चलिए चलते हैं महाकाल की नगरी उज्जैन में। जहां कालों के काल बाबा महाकाल अपनी दक्षिणमुखी शिवलिंग के साथ स्थापित हैं। उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में सबसे प्रमुख हैं। आपको जानकर हैरानी होगी, यह एकमात्र ऐसा पूजन स्थल जहां सुबह 4 बजे भक्तों को भस्म आरती का आनंद मिलता हैं। मान्यताओं के अनुसार ऐसा माना जाता हैं, महाकाल बाबा भक्तों को अकाल मृत्यु से सुरक्षित रखते हैं।
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग, खंडवा
आइए अब आपको लेकर चलते हैं एक ऐसे शिव मंदिर में जो दो भाग में बटा हुआ हैं। जी हां, हम बात कर रहें मध्य प्रदेश के प्राचीन ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की। यह अद्बुध पूजन स्थल नर्मदा नदी के तट पर स्थापित हैं। ओंकारेश्वर पुरी दुनिया का प्रसिद्ध मंदिर हैं। जहां प्रकृति स्वयं ॐ (ओंकार) के आकार की संरचना करती हैं। विश्व की यह ऐतिहासिक संरचना ओंकारेश्वर और नर्मदेश्वर के संयुक्त से बनती हैं।
भोजपुर मंदिर, रायसेन
अब हम आपको ऐसी जगह लेकर जा रहे हैं जहां विश्व का नहीं बल्कि पूरे एशिया का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित है। जी हाँ, मध्य प्रदेश के रायसेन में भोजपुर नाम का एक मंदिर स्थित हैं। जहां प्रसिद्ध विशाल शिवलिंग उपस्थित हैं। यह लोकप्रिय भगवान शिव मंदिर पूरी दुनिया में भोजेश्वर के नाम से यशस्वी है। यह अनोखा शिवलिंग 7.5 फीट ऊंची हैं। आपको जानकार हैरानी होगी यह दिव्य भोजेश्वर देवालय बिना चुने-मिट्टी के पत्थरों से रुका हुआ हैं।
भूतेश्वरनाथ महादेव मंदिर, छत्तीसगढ़
अगर कोई आपको बोले की दुनिया में एक एसी शिवलिंग हैं, जो अपने आप बढ़ती हैं क्या आप यकीन कर पाएंगे? अगर नहीं तो आज यकीन कर लिजिए। क्योंकि अब आपको हम इस अलौकिक शिवलिंग के बारे में बताने जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ के जंगलों के बीच यह अविश्वश्नीय भूतेश्वरनाथ महादेव मंदिर बसा हुआ हैं। यह विश्व का पहला पुजा स्थल जहां शिवलिंग खुद ब खुद हर साल बढ़ता हैं। आस्था का यह केंद्र पुरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं। पोराणिक मान्यताओं के अनुसार यहां भगवान शिव स्वयं प्रकट हुए थे।
