रिया सिन्हा: दक्षिण अफ्रीका ने कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए पहले टेस्ट मैच में मेजबान भारत को 30 रनों से हराकर दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। मैच सिर्फ तीन दिन के अंदर ही समाप्त हो गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पहली पारी में 30 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त लेने के बावजूद भारतीय टीम को यह शर्मनाक हार झेलनी पड़ी। भारत ने अपनी पहली पारी में 189 रन बनाकर दक्षिण अफ्रीका (159 रन) पर लीड ले ली थी, लेकिन दूसरी पारी में अफ्रीकी टीम ने कप्तान टेम्बा बावुमा के शानदार 55 रनों* की बदौलत वापसी की और भारत के सामने 124 रनों का छोटा लेकिन चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा।
124 रन का लक्ष्य भी नहीं कर पाई चेज़, 93 पर ढेर हुई टीम इंडिया
124 रनों के छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम की बल्लेबाजी बुरी तरह लड़खड़ा गई। शुभमन गिल गर्दन की चोट के कारण दूसरी पारी में बल्लेबाजी के लिए नहीं उतरे, जिससे टीम की मुश्किलें और बढ़ गईं। हालांकि, टीम इंडिया ने उम्मीद की थी कि यह लक्ष्य आसानी से हासिल हो जाएगा, लेकिन अफ्रीकी गेंदबाजों के सामने भारतीय बल्लेबाज टिक नहीं पाए और पूरी टीम सिर्फ 93 रनों पर ढेर हो गई। भारत के लिए वॉशिंगटन सुंदर ने सर्वाधिक 31 रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से कोई खास मदद नहीं मिली। भारतीय बल्लेबाजों के निराशाजनक प्रदर्शन ने एक बार फिर घर में टर्न होती पिचों पर उनकी काबिलियत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
साइमन हार्मर बने भारत के लिए काल, 8 विकेट लेकर छाए
दक्षिण अफ्रीका की इस ऐतिहासिक जीत के नायक ऑफ स्पिनर साइमन हार्मर रहे, जिन्होंने दोनों पारियों में मिलाकर कुल 8 विकेट झटके। हार्मर ने दूसरी पारी में 4 विकेट लेकर भारतीय मध्यक्रम की कमर तोड़ दी। उनके साथ तेज गेंदबाज मार्को यान्सेन ने भी शुरुआती झटके देकर भारत को बैकफुट पर धकेल दिया। टॉस जीतने और पहली पारी में बढ़त लेने के बावजूद भारत की यह हार टीम मैनेजमेंट की रणनीतियों पर भी सवाल खड़े करती है, क्योंकि कोच गौतम गंभीर ने मैच के बाद स्वीकार किया कि पिच वैसी ही बनाई गई थी, जैसी टीम चाहती थी। यह हार भारत की घरेलू सरजमीं पर 15 सालों में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहली टेस्ट हार है।

