रिया सिन्हा: आज से ठीक एक दिन बाद, 14 नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों के लिए मतगणना शुरू होगी। राज्य की 243 सीटों पर दो चरणों में हुए मतदान के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या नीतीश कुमार (NDA) एक बार फिर मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेंगे या तेजस्वी यादव (महागठबंधन) युवा शक्ति के बल पर सत्ता का ताज पहनेंगे। एग्जिट पोल के अनुमानों ने जहाँ एनडीए को बढ़त दिखाई है, वहीं महागठबंधन ने अपनी जीत का दावा बरकरार रखा है।
एग्जिट पोल में कड़ा मुकाबला, कल सुबह से आएंगे रुझान
11 नवंबर को दूसरे चरण का मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद आए अधिकतर एग्जिट पोल ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को बहुमत के करीब या पार दिखाया है। हालांकि, कुछ प्रमुख सर्वे एजेंसियों ने महागठबंधन और एनडीए के बीच कांटे की टक्कर का अनुमान जताया है, जबकि एक सर्वे में राजद को सबसे बड़ी पार्टी बनने की भविष्यवाणी की गई है। वोटों की गिनती कल सुबह 8 बजे से शुरू होगी और शुरुआती रुझान जल्द ही सामने आने लगेंगे। दोपहर तक यह तस्वीर काफी हद तक साफ होने की उम्मीद है कि बिहार की राजनीतिक किस्मत किस ओर जा रही है।
नीतीश की वापसी या तेजस्वी का उदय? जनता का जनादेश सर्वोपरि
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए यह चुनाव उनके अनुभव और ‘सुशासन’ के दावों की परीक्षा है, जबकि तेजस्वी यादव ने रोजगार और बदलाव के नारे के साथ युवाओं को आकर्षित किया है। 2020 के चुनाव में एग्जिट पोल के अनुमान गलत साबित हुए थे, जिसने इस बार नतीजों को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है। इस हाई-वोल्टेज चुनावी रण में, अंतिम फैसला तो बिहार की जनता का ही होगा, जो कल वोटों की गिनती के बाद साफ हो जाएगा। अब सवाल यह है कि क्या नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री बनेंगे, या तेजस्वी यादव का युवा नेतृत्व बिहार में नए राजनीतिक युग का सूत्रपात करेगा।

