रिया सिन्हा: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलवार को अपने तीन दिवसीय बोत्सवाना दौरे पर पहुंचीं, जहां उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया। यह दौरा अफ्रीका के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गेबोरोन के सर सेरेत्से खामा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर, राष्ट्रपति मुर्मू का स्वागत बोत्सवाना के विदेश मंत्री, डॉ. एलाइशस मचाको ने किया। उनके आगमन पर, उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और सबसे महत्वपूर्ण, उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई, जो राष्ट्र प्रमुखों के सम्मान में एक विशेष प्रोटोकॉल है।
द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूती देने पर जोर
राष्ट्रपति मुर्मू के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और बोत्सवाना के बीच आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को और गहरा करना है। दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए कई उच्च-स्तरीय बैठकें निर्धारित हैं। इस यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति मुर्मू बोत्सवाना के राष्ट्रपति मोकग्वेत्सी मसीसी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगी। उम्मीद है कि वार्ता में हीरा व्यापार, खनन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नए समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह यात्रा दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी समझ और सहयोग को भी बढ़ावा देगी।
कार्यक्रमों की श्रृंखला और भारतीय समुदाय से मुलाकात
अपने प्रवास के दौरान, राष्ट्रपति मुर्मू कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। इसमें बोत्सवाना विश्वविद्यालय में छात्रों को संबोधित करना और बोत्सवाना की संसद को संबोधित करना शामिल है। इसके अलावा, वह बोत्सवाना में रहने वाले भारतीय समुदाय के साथ भी बातचीत करेंगी। भारतीय समुदाय के सदस्य इस यात्रा को लेकर काफी उत्साहित हैं और इसे दोनों देशों के बीच मजबूत बंधन का प्रतीक मान रहे हैं। यह दौरा न केवल राजनीतिक बल्कि जन-स्तर पर भी संबंधों को नई ऊँचाई देगा और ‘ग्लोबल साउथ’ (Global South) के हितों को आगे बढ़ाएगा।

