Muskan Garg: बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक राजकुमार हिरानी अपनी अनोखी कहानी कहने की कला के लिए देशभर में जाने जाते हैं। ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’, ‘3 इडियट्स’, और ‘पीके’ जैसी फिल्मों से उन्होंने हिंदी सिनेमा को नई दिशा दी। लेकिन हाल ही में खबर सामने आई है कि हिरानी की वह फिल्म, जिस पर उन्होंने चार साल तक काम किया, आमिर खान ने पहले रिजेक्ट कर दी और बाद में उसे पूरी तरह बंद करने का फैसला लिया है।

आमिर की पसंद का ख्याल रखा फिर भी ठुकरा दिया:
दरअसल राजकुमार हिरानी ने इंडियन सिनेमा के पिता कहे जाने वाले “दादासाहेब फाल्के” पर एक बायोपिक लिखी थी और उसको खास तौर पर आमिर खान को ध्यान में रखते हुए लिखा था। हिरानी की पिछली फिल्मों की तरह, कहानी सामाजिक व्यंग्य पर आधारित थी, जिसमें हास्य और भावनाओं का बेहतरीन मिश्रण था। लेकिन जब हिरानी ने उसे यह स्क्रिप्ट सुनाई तो आमिर को कहानी उतनि प्रभावशाली नहीं लगी। उनका सुझाव था कि लेख में कुछ बदलाव किए जाएं और फिरसे स्क्रिप्ट लिखी जाए।

बदलाव के बाद भी फिरसे ठुकरा दिया:
हिरानी ने आमिर की राय को गंभीरता से लिया और कहानी में बदलाव करने में लगभग डेढ़ साल का समय लगा दिया, लेकिन जब दोबारा स्क्रिप्ट तैयार हुई और आमिर ने उसे सुना, तो उन्होंने प्रोजेक्ट को “भावनात्मक रूप से कमजोर” बताते हुए इसे फिर से ठुकरा दिया। इस फैसले से हिरानी निराश हुए, क्योंकि इस फिल्म पर उन्होंने काफी मेहनत और समय लगाया था।

हिरानी की 4 साल की मेहनत मिनटों में बर्बाद:
हिरानी ने यह फिल्म किसी और एक्टर के साथ आगे बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन प्रोजेक्ट का विज़न आमिर को ध्यान में रखकर बनाया गया था, इसलिए बात आगे नहीं बढ़ पाई। अंततः इस फिल्म को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
अब फिल्मी गलियारों में चर्चा है कि यह स्क्रिप्ट भविष्य में किसी ओर रूप में सामने आ सकती है और राजकुमार हिरानी फिलहाल एक नई फिल्म बनाने में लग गए हैं जबकि आमिर खान अपनी आने वाली फिल्म “सितारे ज़मीन पर” पर ध्यान दे रहे हैं।

इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि बॉलीवुड में बड़े नामों के बीच भी कहानी की पसंद और दृष्टिकोण में कितना फर्क होता है — और कभी-कभी, चार साल की मेहनत भी एक पल के निर्णय में मिट्टी में मिल जाती है।


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