Muskan Garg: 4 दिसंबर को देशभर में भारतीय नौसेना दिवस बड़े गौरव और गर्व के साथ मनाया जाएगा। इस बार नौसेना दिवस का मुख्य आयोजन केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में होने जा रहा है, जहां भारतीय नौसेना अपने शौर्य, तकनीकी क्षमता और आधुनिक युद्ध कौशल का भव्य प्रदर्शन करेगी। इस कार्यक्रम में देश की समुद्री ताकत और रक्षा क्षमता का ऐसा दृश्य देखने को मिलेगा, जो हर भारतीय को गर्व से भर देगा।
युद्ध कोसल का शानदार प्रदर्शन:
इस आयोजन में तिरुवनंतपुरम के समुद्री तट पर नौसेना के युद्धपोत, पनडुब्बियां, हेलिकॉप्टर और लड़ाकू विमानों का शानदार प्रदर्शन देखने को मिलेगा। दर्शकों को नौसेना के बहादुर जवान अपने रेस्क्यू ऑपरेशन, फायरिंग एक्सरसाइज और सी-बैटल सिमुलेशन से प्रभावित करेंगे। रक्षा मंत्री, नौसेना प्रमुख और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस कार्यक्रम में भाग लेंगे।
क्यों मनाया जाता है नौसेना दिवस:
भारतीय नौसेना दिवस हर साल 4 दिसंबर को मनाया जाता है, ताकि 1971 के भारत-पाक युद्ध में नौसेना की ऐतिहासिक जीत को याद किया जा सके। उस युद्ध में नौसेना ने ऑपरेशन ट्राइडेंट के तहत पाकिस्तान के कराची बंदरगाह पर हमला कर दुश्मन के कई जहाज तबाह कर दिए थे और कराची बंदरगाह के परखच्चे उड़ा दिए थे। इसी विजय की स्मृति में यह दिन देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।
नौसेना दिवस का थीम:
इस बार का आयोजन विशेष रूप से “सुरक्षित समुद्र, सशक्त भारत” थीम पर आधारित है। नौसेना के अनुसार, यह प्रदर्शन न केवल देश की रक्षा शक्ति को दिखाएगा, बल्कि युवाओं को देश सेवा के लिए प्रेरित भी करेगा।
तिरुवनंतपुरम में होने वाला यह नेवी डे कार्यक्रम देश की एकता, अनुशासन और सामर्थ्य का प्रतीक बनेगा। भारतीय नौसेना का यह शौर्य प्रदर्शन हर भारतीय को यह संदेश देगा कि भारत का समुद्र उतना ही सुरक्षित है जितनी उसकी धरती और आकाश।
