Muskan Garg: भारत की सुरक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने के लिए भारतीय सेना ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। देश की पूर्वोत्तर सीमा पर स्थित “चिकन नेक कॉरिडोर” को सुरक्षित रखने के लिए सेना ने बांग्लादेश की सीमा पर तीन नई चौकियां बनाई हैं। इन चौकियों का निर्माण सुरक्षा तंत्र को मजबूत करेगा और सीमा पर निगरानी करने और प्रतिक्रिया करने की क्षमता को दोगुना करेगा।
सुरक्षा नजरिए से क्यों है चिकन नेक महत्वपूर्ण:
सिलीगुड़ी कॉरिडोर, भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को देश के बाकी हिस्से से जोड़ने वाला अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है। यह क्षेत्र लगभग 22 किलोमीटर लंबा है और भारत, भूटान, नेपाल और बांग्लादेश की सीमाओं के बहुत करीब है। यही कारण है कि यह क्षेत्र सामरिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र किसी भी बाहरी खतरे या घुसपैठ से भारत की एकता और सुरक्षा को खतरा बना सकता है।
सुरक्षा और निगरानी में इजाफा:
हाल ही में, भारतीय सेना ने चिकन नेक में सर्विलांस ड्रोन, नाइट विज़न कैमरे और आधुनिक संचार उपकरणों की तैनाती की है और तीन नई चौकियों का निर्माण भी हुआ है जो सीमा सुरक्षा को और भी ज्यादा मजबूत करेगा, और वहां जवान 24 घंटे निगरानी रखेंगे, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।
क्या है “बॉर्डर मैनेजमेंट रिफॉर्म प्लान”?
सेना अधिकारियों के अनुसार, यह कदम ‘बॉर्डर मैनेजमेंट रिफॉर्म प्लान’ के तहत उठाया गया है, जिसमें देश की सभी संवेदनशील सीमाओं पर नई तकनीक और मानव संसाधन को बढ़ाया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों को भी इन चौकियों से सुरक्षा की भावना मिलेगी और सीमा पार से होने वाली तस्करी या अवैध घुसपैठ की घटनाओं में कमी आएगी।
भारतीय सेना का यह प्रयास न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि देश की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और दुश्मन की कोई भी चाल अब कामयाब नहीं हो पाएगी।
