Toshi Gupta: क्या आपने कभी एसी मछली के बारे में सुना है, जो 120 वोल्ट तक का करंट पैदा कर सकती हैं ? जो मछली नहीं बल्कि चलता फिरता ट्रांसफार्मर हैं ? जी हां हम बात कर रहें हैं इलेक्ट्रिक ईल फिश की। तो चलिए जानते हैं, क्या हैं इलेक्ट्रिक ईल फिश ? कैसे ये अनोखी फिश करंट पैदा करती हैं ?

क्या हैं इलेक्ट्रिक ईल फिश ?

इलेक्ट्रिक ईल फिश एक अलग तरीके की मछली हैं। जो शिकारी का खुद शिकार कर लेती हैं। यह साउथ अमेरिका की अमेज़न रीवर और औरिनोको रीवर में पाई जाती हैं। इलेक्ट्रिकल ईल फिश जानवर के हिसाब से करंट छोड़ती हैं। यदि कोई छोटी मछली हैं तो यह कम करंट छोड़ती हैं। वहीं, अगर मगरमछ जैसा बड़ा जानवर होता हैं, तो ज्यादा करंट छोड़ती हैं। इस इलेक्ट्रिकल ईल फिश का जीवन 12 से 22 साल का होता हैं।

इलेक्ट्रिक ईल के शरीर में करंट कैसे बनता हैं ?

इस मछली की बनावट दूसरी मछलियों से अलग होती हैं। इलेक्ट्रिकल ईल के शरीर में कुछ अलग तरीके के ऑर्गन पाए जाते हैं। जैसे हंटर ऑर्गन्स। जो 6000 हजार एलेक्ट्रोसिते करंट से मिलकर बनता हैं। जिसकी मदद से ये अपने शरीर में करंट पैदा करती हैं। यह अनोखी मछली 120 वोल्ट तक का करंट अपने अंदर पैदा कर सकती हैं। आपको बता दे, इनके मुंह के पास पॉजिटिव पोल होता हैं। वही पूछ के पास नेगेटिव पोल होता हैं।

कैसे ये दूसरी मछलियों से अलग हैं ?

ये अद्भुत इलेक्ट्रिकल मछली 8 फ़ुट लम्बी हैं। ये अपने इलेक्ट्रिकल सिगनल की मदद से रात में ज़्यादा अच्छे से शिकार करती हैं। यह मछली भूरे रंग की होती हैं। इसके अलावा काफी पतली भी होती हैं। साथ ही साथ इनका वेट 200 किलोग्राम होता हैं।

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