Muskan Garg: वाइस एडमिरल अनिल जग्गी ने पुणे स्थित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के नए कमांडेंट का पदभार संभाल लिया है। उन्होंने वाइस एडमिरल गुरचरण सिंह का स्थान लिया है, जिन्होंने 1 नवंबर 2025 को नौसेना मुख्यालय में कार्मिक प्रमुख का पदभार ग्रहण किया था।
वाइस एडमिरल जग्गी की कार्यशैली:
वाइस एडमिरल जग्गी का, भारतीय नौसेना में तीन दशक से अधिक का शानदार करियर है। वह नेविगेशन और डायरेक्शन में माहिर माने जाते है। उन्होंने अपनी लंबी सेवाकाल में कई महत्वपूर्ण कमांड, स्टाफ और राजनयिक पदों पर भी काम किया है।
वाइस एडमिरल जग्गी का शानदार करियर:
उनकी प्रमुख कमांड नियुक्तियों में मिसाइल पोत आईएनएस वीर (INS Veer) और स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस सह्याद्री (INS Sahyadri) की कमान संभालना शामिल है। इन भूमिकाओं ने समुद्री युद्ध कौशल और नेतृत्व के प्रति उनकी मजबूत प्रतिबद्धता को उजागर किया। स्टाफ और राजनयिक नियुक्तियों में, उन्होंने लंदन में भारतीय उच्चायोग में नौसेना सलाहकार और नौसेना मुख्यालय में कमोडोर (विदेशी सहयोग) के रूप में कार्य किया है।
एन. डी. ए में कमांडेंट का कार्य:
वर्तमान एनडीए कमांडेंट के रूप में, वाइस एडमिरल जग्गी की सबसे बड़ी जिम्मेदारी भारतीय सशस्त्र बलों के अगले अधिकारियों को तैयार करना होगा। एनडीए एक प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान है जो तीनों सेनाओं (थल, नौसेना और वायु) के कैडेट को प्रशिक्षित करता है। भविष्य के सैन्य अधिकारियों को तैयार करने में उनके नेतृत्व से उम्मीद की जाती है कि अकादमी अपना ध्यान अकादमिक, शारीरिक और नेतृत्व क्षमता पर केंद्रित करेगी।
वाइस एडमिरल जग्गी को उनकी विशिष्ट सेवा के लिए अति विशिष्ट सेवा मेडल और नौ सेना मेडल सहित कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। उनकी नियुक्ति से एनडीए को उनके व्यापक अनुभव और सभी क्षेत्रों में विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा।
