Suvangi Pradhan: संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू होगा और 20 दिसंबर तक चलेगा…इस बात की जानकारी केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा है…रिजिजू ने कहा कि इस सत्र में सरकार कई अहम विधेयकों को पेश करने की तैयारी में है, साथ ही विपक्ष के पास भी कई मुद्दों पर सरकार को घेरने का मौका रहेगा…इस दौरान कुल 15 बैठकें होंगी…
चुनाव परिणामों के बाद शुरू हो रहे इस सत्र में राजनीतिक माहौल बेहद गर्म रहेगा
संसद का यह सत्र ऐसे समय में हो रहा है जब देश के पांच राज्यों यानी मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनावों की गहमागहमी चरम पर है…चुनाव परिणामों के बाद शुरू हो रहे इस सत्र में राजनीतिक माहौल बेहद गर्म रहने की संभावना है…सरकार की ओर से बताया गया है कि इस सत्र में तीन महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की योजना है, जिनमें न्यायिक सुधार, डेटा सुरक्षा और महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्ताव शामिल हो सकते हैं…वहीं विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी, मणिपुर हिंसा और चीन सीमा विवाद जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है…
विपक्ष इस बार संसद के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर सकती है
संसदीय सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार इस सत्र में कृषि क्षेत्र से संबंधित सुधार और आर्थिक नीतियों पर भी चर्चा की योजना बना रही है… वहीं विपक्ष संसद के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर आक्रामक रुख अपना सकता है…
लोकसभा चुनाव 2024 से पहले का यह अंतिम सत्र हो सकता है
पिछले सत्रों की तुलना में यह शीतकालीन सत्र अपेक्षाकृत छोटा रहेगा, लेकिन राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है…यह सत्र लोकसभा चुनाव 2024 से पहले का अंतिम पूर्ण सत्र हो सकता है, इसलिए सरकार के लिए अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने का यह एक महत्वपूर्ण अवसर होगा…संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने सभी दलों से आग्रह किया कि वे सत्र को सुचारु और उत्पादक बनाएं ताकि जनता से जुड़े कानूनों पर प्रभावी निर्णय लिए जा सकें
