Suvangi Pradhan: मस्क की कंपनी टेस्ला ने हाल ही में शेयरधारकों से लगभग 1 ट्रिलियन डलार का पे पैकेज मंजूर करवा लिया है, जिसमें मस्क को अगले दशक में कंपनी के लक्ष्यों को पूरा करने पर यह राशि दी जाएगी…
मस्क को रोबोट आर्मी पर चाहिए कम से कम मजबूत प्रभाव
यह पैकेज कई मील के पत्थरों से जूड़ा है, जैसे कि टेस्ला की मार्केट वैल्यू को लगभग 8.5 ट्रिलियन डलार तक ले जाना, प्रति वर्ष 20 मिलियन वाहन डिलीवर करना, और एक मिलियन ह्यूमनॉइड रोबोट और रोबोटैक्स तैयार करना…मुद्दा सिर्फ राशि का नहीं है मस्क का कहना है कि उन्हें इस रोबोट आर्मी पर कम से कम मजबूत प्रभाव चाहिए…यानी सिर्फ पैसे लेना नहीं, बल्कि भविष्य में कंपनी और इस रोबोट सेना के संचालन पर नियंत्रण भी महत्वपूर्ण है…
मस्क बन सकते हैं इतिहास के पहले ट्रिलियन डॉलर नेट वर्थ वाले व्यक्ति
उनकी इस योजना को लेकर अलग अलग मत हैं…एक ओर समर्थक कह रहे हैं कि Musk जैसे विजन रीडर को रोबोटिक्स और एआई के अगले अध्याय के लिए प्रेरित करना ज़रूरी है…वहीं दूसरी ओर, आलोचक इसे अत्यधिक और जोखिमभरा भी मान रहे हैं जिसमें यह सवाल उठता है कि इतनी राशि और इतनी शक्तियों से एक व्यक्ति को किस हद तक नियंत्रण मिलना चाहिए…अगर यह कार्यक्रम सफल रहता है और मस्क के लिए निर्धारित सभी माइलस्टोन्स पूरे होते हैं, तो यह संभव है कि वह इतिहास के पहले ट्रिलियन डॉलर नेट वर्थ वाले व्यक्ति बन जाएँ…
क्या एलन मस्क यह साहसिक योजना पूरा कर पाएँगे
मस्क की इस योजना में यह भी संकेत मिलता है कि उन्हें सिर्फ वाहन बनाने वाली कंपनी नहीं रखना है, अपितु एक ऐसे टेक्नोलॉजी स्वयं चालित युग का निर्माण करना है जहाँ रोबोट, ऑटोनॉमस वाहन और एआई आधारित समाधान भौतिक दुनिया की धुरी बन जाए…सवाल यह है की क्या अलन मस्क यह साहसिक योजना पूरा कर पाएँगे और क्या इस तरह की शक्ति एवं प्रभाव एक व्यक्ति के हाथ में जाना सुरक्षित और न्यायसंगत है? आने वाले वर्ष यह तय करेंगे कि यह मात्र एक महत्वाकांक्षा बनी या वास्तव में तकनीक विस्फोट का स्रोत बन गई
