रिया सिन्हा: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की 121 सीटों पर 6 नवंबर को रिकॉर्ड 64.69 प्रतिशत मतदान हुआ। भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, बिहार के इतिहास में यह किसी भी राज्य या राष्ट्रीय चुनाव में सबसे अधिक वोटिंग प्रतिशत है, जो मतदाताओं के भारी उत्साह और लोकतंत्र में उनकी गहरी आस्था को दर्शाता है। बंपर वोटिंग के बाद अब सभी राजनीतिक दलों ने 11 नवंबर को होने वाले दूसरे चरण के मतदान के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
आज पीएम मोदी और राहुल गांधी की रैलियाँ
दूसरे चरण के लिए प्रचार अभियान अपने चरम पर पहुँच गया है, जिसमें आज (7 नवंबर) देश के दो प्रमुख नेता—प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी—चुनावी रैलियों को संबोधित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी आज अररिया के फारबिसगंज और भागलपुर में जनसभाएं करेंगे। वहीं, राहुल गांधी भी कांग्रेस और महागठबंधन के पक्ष में बांका के अमरपुर और भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड में बड़ी रैलियों को संबोधित करने वाले हैं। इन रैलियों के माध्यम से दोनों नेता अपने-अपने गठबंधनों के लिए अधिक से अधिक समर्थन जुटाने का प्रयास करेंगे।
NDA बनाम महागठबंधन: मुख्य मुकाबला
बिहार की कुल 243 विधानसभा सीटों में से बाकी बची 122 सीटों पर दूसरे चरण में 11 नवंबर को वोटिंग होनी है। चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और विपक्षी महागठबंधन के बीच है। NDA, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (यूनाइटेड) जैसी पार्टियाँ शामिल हैं, जहाँ केंद्र में पीएम मोदी के शासन और राज्य में नीतीश कुमार के 20 साल के शासन के नाम पर वोट मांग रहा है, वहीं महागठबंधन (राष्ट्रीय जनता दल-RJD और कांग्रेस) एंटी-इनकंबेंसी और रोज़गार के मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहा है। दूसरे चरण का मतदान और उसके बाद 14 नवंबर को घोषित होने वाले नतीजे बिहार की अगली राजनीतिक दिशा तय करेंगे।

