Toshi Gupta: क्या आपने कभी सुना हैं एक ऐसा स्कूल भी हैं जिसके लिए बच्चे नहीं बल्कि टीचर घर आता हैं? जी हां, होमेस्कूलिंग नाम का यह स्कूल आजकल बहुत ट्रेंड में हैं। तो चलिए जानते हैं, आखिर क्या हैं होमेस्कूलिंग ? क्या हैं इसके फायदें ?
होमेस्कूलिंग क्या होती हैं?
होमेस्कूलिंग का ट्रेंड जोरों पर हैं। होमेस्कूलिंग का मतलब हैं, घर में रह कर पढ़ाई करना। पढ़ाई का यह तरीका उन बच्चों के लिए हैं, जो स्कूल नहीं जा पाते। होमेस्कूलिंग में माता-पिता या ट्यूशन टीचर घर बैठे 1-12 तक का सिलेबस कवर कराते हैं। इस होमेस्कूलिंग में पुरी तरह से बच्चे को स्कूल का माहौल देने की कोशिश की जाती हैं। किताबों या विडियों के माध्यम से बच्चें को पढ़ाया जाता हैं।
होमेस्कूलिंग के क्या क्या नुकसान होते हैं?
होमेस्कूलिंग के बहुत से नुकसान होते हैं जैसे-
1- बच्चे को सही सें स्कूल का माहौल ना मिल पाना।
2- बच्चों को अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में अंतर ना कर पाना।
3- सामाजिक रूप से बच्चों का ईनएकटिव होना।
4- स्कूल के में होने वाले इवेंट्स , ग्रुप डिस्कशन से दूर होना।
होमेस्कूलिंग के क्या क्या फायदें हैं?
होमेस्कूलिंग के बहुत से फायदें होते हैं जैसे-
1-इससे बच्चा अपने माता- पिता के साथ ज्यादा समय बिता पाते हैं।
2- वह टोपिक्स को अच्छे से समझ पाते हैं।
3- बच्चा फ्लेक्सिबल टाइमिंग को फॉलो कर पाता हैं।
