Toshi Gupta: क्या मध्य प्रदेश में आज भी चल रहा हैं अवैध शराब बेचने का गंदा खेल? जी हां, मध्य प्रदेश में आज भी ऐसे इलाके हैं, जहां बिना परमिशन के अवैध शराब खुल्लम-खुल्ला बिक रही हैं। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं ,कि आखिर एसी कौन सी जगह जहां बिना किसी रोक – टोक के बिकती हैं अवैध शराब ?
मध्य प्रदेश में कहां हैं अवैध शराब का केन्द्र?
मध्य प्रदेश रंगमंच, कला से भरा प्रदेश हैं। यह ऐसा प्रदेश हैं जहां, सैलानियों के कदम खुद-ब-खुद रुक जाते हैं। लेकिन इसी सबके बीच मध्य प्रदेश कही ना कही इललीगल शराब बिक्ररी का गड़ बन चुका हैं। जी हां, मध्य प्रदेश के अलीराजपुर और झाबुआ में धड़ल्ले से अवैध शराब बिक रही हैं। हैरानी की बात यह हैं कि, इललीगल शराब बचने वाले कोई ओर नहीं बल्कि नाबालिग बच्चे हैं।
इसके अलावा अवैध शराब की कीमत बाहरी बिकने वाली शराब से कम हैं। यदि बहार एक पेटी शराब की कीमत 3000 रु. हैं, तो यहां वहीं पेटी 1500 रु. की हैं। मतलब MRP और MSP से भी कम कीमत में यहां आपको शराब मिल सकती हैं। आपको बता दें, एक रिपोट के मुताबिक, यहां तकरीबन 45.94 लाख की अवैध शराब बिकती हैं।
आखिर मध्य प्रदेश में अवैध शराब किस रास्ते से पहुंचती हैं?
यह अवैध शराब बिकने का खेल काली रात में शुरु होता हैं। रात करीब 10:30 बचे के आस पास अवैध शराब अलीराजपुर और झाबुआ में पहुंचती हैं। यह इललीगल शराब महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के रास्ते मध्य प्रदेश में आती हैं। जिसके बाद इस शराब को अवैध तरीके से अलीराजपुर और झाबुआ पहुंचाया जाता हैं। यह अबैध शराब लगभग 10 छोटी- छोटी गाड़ियो की मदद से अलग-अलग जगह पहुंचती हैं।
क्या हैं अलीराजपुर और झाबुआ का असली सच?
मध्य प्रदेश के यह दो डिस्ट्रिक्ट अलीराजपुर और झाबुआ पिछड़े इलाको में से एक हैं। अगर हम यहां की कुल आबादी की बात करें तो यह 1500 – 2000 के बीच में हैं। यहां का लिटरेसी रेट 50% से भी कम हैं। जिसमें से जाय्दातर लोगों के पास काम की कमी हैं। या फिर छोटे कामों का हिस्सा हैं। इन इलाकों में रहने, खाने की स्थिति तक ठीक नहीं हैं। लेकिन, जिसके बावजुद यहां एक इलाके में तकरीबन 20-25 शराब की दुकानें हैं।
