रिया सिन्हा: बरेली के रामगंगा घाट पर कार्तिक मास के पावन अवसर पर रविवार को महाआरती का एक भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और पूरी श्रद्धा के साथ गंगा मैया की पूजा-अर्चना की। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चारण और शंखनाद के साथ गंगा आरती संपन्न हुई। घाट को रंग-बिरंगी दीपमालाओं और ताज़े फूलों से बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया था। महाआरती से पहले, भक्तों ने नदी में दीपदान किया, जिसने पूरे वातावरण को दिव्य और भक्तिमय बना दिया। ‘हर हर गंगे’ के जयघोष से संपूर्ण घाट गूंज उठा, जिससे वहां मौजूद हर व्यक्ति आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
गंगा संरक्षण का दिया गया संदेश
इस महत्वपूर्ण अवसर पर, कथावाचक पं. हर्षित उपाध्याय, सत्यम तिवारी, आचार्य विनीत, देवेंद्र पुजारी सहित कई संत-महात्माओं ने आरती की। यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं था, बल्कि गंगा की पवित्रता और संरक्षण के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम भी बना। इस मौके पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में जिलाधिकारी अविनाश सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, विधायक राघवेंद्र शर्मा और एसपी सिटी मानुस पारीक समेत कई कार्यकर्ता भी शामिल थे। सभी ने मिलकर मां गंगा की पूजा की और नदी को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया।
आध्यात्मिक आस्था का अद्भुत दृश्य
महाआरती का यह दृश्य न केवल आस्था का प्रतीक था, बल्कि यह हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का भी प्रतिनिधित्व करता है। कार्तिक मास में गंगा स्नान और आरती का विशेष महत्व माना जाता है, और इस आयोजन ने लोगों को अपनी आध्यात्मिक जड़ों से जुड़ने का अवसर प्रदान किया। यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिससे यह संदेश गया कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की आस्था और जीवन रेखा है, जिसका संरक्षण हम सबका नैतिक कर्तव्य है।

