Toshi Gupta: अगर हम कहें कि जो दवाइयों के नाम पर आप गोलियां खा रहे हैं, उन्हें खाना जुर्म हैं। तो यकीन करना थोड़ा मुश्किल होगा। लेकिन यह बात बिल्कुल सही हैं, की दवाइयों के नाम पर गोलियां खाना एक जुर्म हैं। क्योंकि एक याबा नाम की टेबलेट दिखने में तो दवाई जैसी हैं। लेकिन असल में यह एक नशीला पदार्थ हैं। तो चलिए आज आपको बताते हैं क्या हैं यह याबा टेबलेट?

क्या हैं यह याबा टेबलेट?

याबा टेबलेट कोई मामूली टेबलेट नहीं बल्कि एक ड्रग हैं। जो की भारत के असम, मनीपुर, त्रिपुरा में पाई जाती हैं। यह गोलियां हलके गुलाबी रंग की होती हैं। याबा टेबलेटस् में बहुत ज्यादा मात्रा में कैफिन और मैथएम्फेटामिन पाया जाता हैं। जिसकी वजह से इसे खाने से लोगों को नशा होता हैं। इन टेबलेटस को बेचना और खरीदना पुरी तरह से इललीगल हैं। आपको बता दें, इन याबा टेबलेटस् को “Crazy Medicine” के नाम से भी जाना जाता हैं।

क्या हैं याबा टेबलेट की नेगेटिव साईड?

याबा टेबलेट खाने से बहुत से नेगेटिव इफेक्ट हो सकते हैं। जैसे-

1- इसे रोज खाने से आपको इसकी आदत लग सकती हैं।
2- यह आपके लिवर , किडनी पर बुरा असर डाल सकती हैं।
3- इसका सेवन करने से आपके दिमाग पर भी गहरा असर पड़ सकता हैं।
4- याबा टेबलेट की वजह से आप सोने के आदि हो जाते हैं।
5- साथ ही , इसकी वजह से आपके चिड़चिड़ापन भी बड़ सकता हैं।

याबा टेबलेट का सेवन कैसे किया जाता हैं?

याबा टेबलेट को ज्यादातर लोग डायरेक्ट खा लेते हैं। लेकिन कुछ लोग टेबलेट पीस कर पॉउडर बनाते हैं। जिसके बाद इसे सूंग कर इससे नशा करते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी, याबा टेबलेट को सबसे ज्यादा स्कूल, कॉलेज के बच्चें लेते हैं। हाल ही में सामने आया की 8 वीं कक्षा के 8.7% विद्यार्थी इसका सेवन करते हैं। इसके अलावा 12 वीं कक्षा के 46.6% विद्यार्थी इसको रोज लेते हैं। जबकि, 18 से 25 वर्ष के 11.89 मिलियन युवा इसका नशा करते हैं।

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